कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने जिले में किसानों को समय पर और सहज रूप से खाद-उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम), कृषि विभाग के अधिकारियों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिले में किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई या अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।

कलेक्टर ने कहा कि यह जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि प्रत्येक किसान भाई को उसकी आवश्यकता के अनुसार समय पर खाद उपलब्ध कराया जाए, ताकि रबी सीजन की बुवाई एवं फसलों की तैयारी में किसी प्रकार की बाधा न आए।
🌾 टोकन प्रणाली से हो रहा सुव्यवस्थित खाद वितरण
कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में सभी खाद वितरण केंद्रों पर टोकन प्रणाली लागू की गई है। किसानों को पूर्व निर्धारित संख्या में टोकन जारी किए गए हैं, जिनके आधार पर उन्हें कतारबद्ध (queue-wise) खाद-उर्वरक दिया जा रहा है।
इस व्यवस्था से अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था पर नियंत्रण हुआ है तथा किसानों को सहज, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से खाद वितरण प्राप्त हो रहा है।

“हमारा उद्देश्य है कि किसी भी किसान को लाइन में लंबे समय तक खड़ा न रहना पड़े और हर किसान को उसके हिस्से की खाद समय पर मिले।”
— कलेक्टर श्री संदीप जी आर
🚜 केंद्रों पर की गई सुविधाओं की विशेष व्यवस्था
कलेक्टर श्री संदीप जी आर के निर्देशानुसार जिले के सभी वितरण केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं —
- बैरिकेडिंग की व्यवस्था:
वितरण स्थल पर भीड़ नियंत्रण के लिए साफ-सुथरी एवं सुरक्षित बैरिकेडिंग कराई गई है, जिससे वितरण क्रम सुव्यवस्थित रहे। - पेयजल की उपलब्धता:
केंद्रों पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था कराई गई है ताकि प्रतीक्षा कर रहे किसानों को असुविधा न हो। - छाया एवं विश्राम व्यवस्था:
कुछ प्रमुख वितरण केंद्रों पर छायादार टेंट एवं बैठने की अस्थायी व्यवस्था भी की गई है। - कृषि विभाग की सतत निगरानी:
कृषि विभाग के अधिकारी स्वयं वितरण केंद्रों पर उपस्थित रहकर वितरण प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
🏢 मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित
कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने बताया कि जिले में खाद-उर्वरक की आपूर्ति किसानों की मांग और फसलवार आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।
प्रत्येक विकासखंड में मांग का विश्लेषण कर डीओ (डिमांड ऑर्डर) जारी किया गया है, जिसके अनुसार राज्य विपणन संघ और सहकारी समितियों के माध्यम से खाद का आवंटन किया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक जिले में पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी और एनपीके उर्वरक उपलब्ध हैं और निरंतर नये स्टॉक की आपूर्ति जारी है।
“किसान भाई धैर्य रखें, शासन और प्रशासन आपके साथ है। आपकी मांग के अनुसार खाद की आपूर्ति निरंतर की जा रही है और प्रत्येक किसान को उसका पूरा हिस्सा मिलेगा।”
— कलेक्टर श्री संदीप जी आर
👩🌾 प्रशासन की अपील किसानों से
कलेक्टर ने किसानों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और खाद की खरीद में अनावश्यक भीड़ न लगाएँ। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से पर्याप्त मात्रा में खाद जिले को उपलब्ध कराई जा रही है और सभी किसानों को चरणबद्ध रूप से खाद मिल जाएगी।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि किसी भी केंद्र पर अवैध वसूली, ब्लैक मार्केटिंग या कालाबाज़ारी की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
📊 समन्वय एवं निरीक्षण व्यवस्था
- सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने अनुविभाग में वितरण केंद्रों का दैनिक निरीक्षण करें।
- कृषि विभाग और सहकारी समितियों को संयुक्त रूप से स्टॉक व वितरण रिपोर्ट प्रतिदिन शाम तक जिला मुख्यालय को भेजनी होगी।
- किसी भी केंद्र पर समस्या आने की स्थिति में कंट्रोल रूम को तत्काल सूचित किया जाएगा ताकि त्वरित समाधान किया जा सके।
🗣️ कलेक्टर का संदेश
कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने कहा —
“किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनकी सुविधा और संतुष्टि जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी किसान भाई बिना खाद के अपने खेत से वापस न लौटे।”
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वितरण के दौरान निष्पक्षता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता बनाए रखें तथा सभी व्यवस्थाओं की निरंतर समीक्षा करते रहें।