केसली में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का जिला स्तरीय समारोह सम्पन्न !

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भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती के समापन वर्ष पर जिला स्तरीय भव्य कार्यक्रम केसली में उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। जनजातीय गौरव दिवस के इस अवसर पर जनजाति समाज की संस्कृति, संघर्ष, त्याग और योगदान को याद करते हुए जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने जनजाति समुदाय को राष्ट्रनिर्माण में उनकी ऐतिहासिक भूमिका के लिए नमन किया।

“जनजाति समाज त्याग, तपस्या और बलिदान का प्रतीक” — जिला पंचायत अध्यक्ष

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि जनजाति समाज अपने त्याग, तपस्या और बलिदान की परंपरा के कारण विशेष पहचान रखता है। रानी दुर्गावती, रानी कमलापति, शंकर शाह और रघुनाथ सहाय जैसे वीरों ने देश की स्वतंत्रता और सम्मान के लिए अद्वितीय बलिदान दिया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा जनजाति समाज के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास के लिए अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं—जिनमें आयुष्मान कार्ड, लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी, टीकाकरण अभियान, पक्के मकान, किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएँ जनजीवन में परिवर्तन ला रही हैं।
उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू स्वयं जनजाति समुदाय से हैं, जो पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है।

“सहज और शांत स्वभाव का जनजाति समुदाय सनातन संस्कृति से जुड़कर आगे बढ़े” — विधायक पटेरिया

देवरी विधायक श्री बृज बिहारी पटेरिया ने कहा कि जनजाति समुदाय सहज, सरल और शांत स्वभाव का होता है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ जनजाति समाज तक पहुँचे, इसके लिए सभी को संयुक्त प्रयास करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन राष्ट्रभक्ति, समर्पण और संघर्ष का प्रतीक है। उनकी 150वीं जयंती मनाकर हम उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हैं।

जनजातीय इतिहास और गौरव का सम्मान

जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री देवेंद्र सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि जनजाति समुदाय ने देश को अनेक वीर दिए हैं—जिनका इतिहास क्रांतिकारी और प्रेरक रहा है। रानी दुर्गावती, रानी कमलापति और रघुनाथ शाह जैसे योद्धाओं के योगदान ने भारत के इतिहास को गौरवशाली बनाया है।
इस अवसर पर श्रीमती उमा खटीक एवं श्री अनिल डिमौले ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ बनी आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम में ग्राम की महिलाओं एवं कन्या शिक्षा परिषद की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत आदिवासी नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया। जनजातीय परंपरा, वेशभूषा और संगीत से सजी प्रस्तुतियों ने मंच को जीवंत बना दिया।

विभागीय प्रदर्शनी ने दी योजनाओं की जानकारी

कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा सरकार की योजनाओं—विशेषकर जनजाति कल्याण, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि एवं आजीविका से संबंधित योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनी स्टॉलों पर उपस्थित अधिकारियों ने जनजाति समुदाय को योजनाओं की जानकारी देकर उनका मार्गदर्शन किया।

कार्यक्रम का संचालन और समापन

कार्यक्रम के प्रारंभ में अनुसूचित जाति-जनजाति सहायक आयुक्त श्री सुधीर श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण दिया और कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती शालिनी जैन द्वारा किया गया तथा अंत में आभार प्रदर्शन श्री सुधीर श्रीवास्तव ने किया।

इस अवसर पर एसडीएम श्री गगन विशेन, सहायक कलेक्टर श्री आशीष पाटिल, विभिन्न जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में जनजाति समुदाय उपस्थित रहा।

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