विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी खजुराहो और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार शाम आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के दौरान कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली तार टूटने से घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही। इस प्राकृतिक आपदा के बीच एक दुखद हादसे में गुरुकुल आश्रम के एक महंत की पेड़ गिरने से मौत हो गई।
यह घटना बमीठा थाना क्षेत्र के पीरा गांव स्थित संस्कृत गुरुकुल आश्रम की है। जानकारी के अनुसार, आश्रम में 65 वर्षीय राजेश्वरनंद दण्डिस्वामी बच्चों को संस्कृत शिक्षा देते थे। गुरुवार शाम करीब 6 बजे मौसम अचानक खराब हो गया और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई।
बताया जा रहा है कि आश्रम में उस समय 20 से 25 बच्चे मौजूद थे। खराब मौसम को देखते हुए महंत राजेश्वरनंद दण्डिस्वामी ने सभी बच्चों को सुरक्षित भवन के अंदर भेज दिया। इसी दौरान खेत की ओर किसी पेड़ के गिरने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद उन्होंने छोटे महंत को वहां की स्थिति देखने के लिए भेजा।
उधर, आश्रम परिसर में बनी टपरिया में महंत राजेश्वरनंद दण्डिस्वामी चार गायों के साथ मौजूद थे। तभी अचानक तेज हवा के कारण महुआ और नीम का एक बड़ा पेड़ टपरिया पर गिर पड़ा। हादसा इतना भयावह था कि महंत पेड़ के नीचे दब गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। राहत की बात यह रही कि टपरिया में मौजूद गायें सुरक्षित बच गईं।

घटना की सूचना मिलते ही बमीठा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए राजनगर स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक महंत राजेश्वरनंद दण्डिस्वामी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के निवासी थे और लंबे समय से पीरा गांव स्थित गुरुकुल आश्रम में रहकर बच्चों को संस्कृत शिक्षा दे रहे थे।
इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों और आश्रम से जुड़े लोगों ने महंत की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि महंत बेहद सरल स्वभाव के थे और वर्षों से बच्चों को धार्मिक एवं संस्कृत शिक्षा देने का कार्य कर रहे थे।
आंधी-तूफान का असर केवल आश्रम तक सीमित नहीं रहा। खजुराहो-बमीठा मार्ग पर कई जगह पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। बिजली के खंभे और तार टूटने के कारण कई इलाकों में घंटों तक बिजली आपूर्ति ठप रही। देर रात तक बिजली विभाग और प्रशासन की टीमें रास्तों से पेड़ हटाने और बिजली व्यवस्था बहाल करने में जुटी रहीं।
बारिश और तेज हवाओं के बाद जिले के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि गुरुवार को मौसम बदलने के बाद न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। क्षेत्र में करीब 6.2 मिलीमीटर बारिश भी दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने आगामी 29, 30 और 31 मई को भी बारिश और तेज आंधी की संभावना जताई है। विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में भी तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश की स्थिति बनी रह सकती है।

प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि तेज आंधी और बारिश के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। साथ ही सड़क किनारे पेड़ों, जर्जर इमारतों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें।
बिजली विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि यदि कहीं बिजली तार टूटे हुए दिखाई दें तो उनसे दूर रहें और तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें। प्रशासन का कहना है कि सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
खजुराहो और आसपास के क्षेत्रों में आए इस तूफान ने जहां भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं एक महंत की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।