खुरई के खिमलासा रेलवे गेट पर बन रहे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में अब तेजी देखने को मिल रही है। बुधवार को रेलवे ट्रैक पर लिए गए दो घंटे के ब्लॉक के दौरान तीन विशाल गर्डर सफलतापूर्वक स्थापित किए गए। यह कार्य तकनीकी रूप से काफी जटिल माना जाता है, जिसे रेलवे और निर्माण एजेंसी की टीम ने सावधानीपूर्वक पूरा किया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस ओवरब्रिज के लिए कुल छह गर्डर रेलवे लाइन के ऊपर रखे जाने हैं। इनमें से 36-36 मीटर लंबे तीन गर्डर बुधवार को चढ़ा दिए गए हैं, जबकि शेष तीन गर्डर गुरुवार को दोबारा ब्लॉक लेकर स्थापित किए जाएंगे। इस तरह परियोजना का अहम चरण अब पूरा होने के करीब पहुंच गया है।

700 टन क्षमता की क्रेनों से हुआ काम
गर्डर चढ़ाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक और भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया गया। इस कार्य में 700-700 टन क्षमता वाली दो विशाल क्रेन मशीनों को लगाया गया था। इन क्रेनों की मदद से भारी-भरकम गर्डरों को उठाकर सटीक स्थान पर फिट किया गया।
इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। रेलवे ट्रैक पर ब्लॉक लेने से पहले सभी जरूरी निरीक्षण और तैयारियां पूरी की गई थीं, ताकि काम के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना की आशंका न रहे।
ट्रेनों पर पड़ा असर, यात्री हुए परेशान
ओवरब्रिज निर्माण के चलते लिए गए ब्लॉक का असर ट्रेन संचालन पर भी देखने को मिला। भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस को बघोरा स्टेशन पर करीब सवा घंटे तक खड़ा रहना पड़ा। वहीं, यह ट्रेन खुरई स्टेशन पर भी निर्धारित समय से करीब 1 घंटे 10 मिनट देरी से पहुंची।

भीषण गर्मी के बीच ट्रेन के इंतजार में बैठे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों ने पानी और ठंडक की व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी भी जताई।
रेलवे गेट बंद, सड़क यातायात भी प्रभावित
ब्लॉक के दौरान खिमलासा रेलवे गेट पूरी तरह बंद रहा, जिससे सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई।
सबसे चिंता की बात यह रही कि कुछ लोग जल्दबाजी में बंद गेट के बावजूद रेलवे ट्रैक पार करते नजर आए। यह स्थिति हादसे को न्योता देने वाली थी, जिस पर प्रशासन को सख्ती बरतने की जरूरत है।
फुट ओवरब्रिज निर्माण भी शुरू
इसी ब्लॉक के दौरान खुरई रेलवे स्टेशन पर जर्जर हो चुके फुट ओवरब्रिज के निर्माण कार्य की भी शुरुआत कर दी गई। लंबे समय से इस पुल की स्थिति खराब थी, जिससे यात्रियों को जोखिम उठाकर प्लेटफॉर्म पार करना पड़ता था।
अब नए फुट ओवरब्रिज के निर्माण से यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी और स्टेशन की व्यवस्थाओं में भी सुधार होगा।

ओवरब्रिज से मिलेगा बड़ा फायदा
खिमलासा रेलवे गेट पर बनने वाला यह ओवरब्रिज क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्तमान में यहां रेलवे फाटक बंद होने के कारण लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है।
ओवरब्रिज बनने के बाद इस समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भी इससे काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
प्रशासन की अपील
रेलवे और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें और बंद गेट या प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न करें। जल्दबाजी में उठाया गया एक गलत कदम बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।

खिमलासा ओवरब्रिज परियोजना अब अपने महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुकी है। तीन गर्डरों का सफलतापूर्वक स्थापित होना इस बात का संकेत है कि काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। हालांकि, इस दौरान आम जनता को हो रही असुविधाओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आने वाले दिनों में बाकी कार्य पूरा होने के बाद यह ओवरब्रिज क्षेत्र के लिए बड़ी राहत साबित होगा।