खुरई में 100 सीटर छात्रावास का शुभारंभ, पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के सूत्र !

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खुरई, सागर | 09 जुलाई 2025

पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने खुरई के मॉडल हायर सेकंडरी स्कूल परिसर में 3.87 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 100 सीटर छात्रावास का शुभारंभ करते हुए कहा कि “एकाग्रता और प्रतियोगी माहौल ही विद्यार्थी जीवन में सफलता की नींव रखते हैं। छात्रावासीय जीवन विद्यार्थियों को अनुशासित, केंद्रित और लक्ष्य केंद्रित बनाता है। यही कारण है कि हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थी जीवन में अधिक सफल होते हैं।”

कार्यक्रम में श्री सिंह ने प्रेरणास्पद भाषण देते हुए कहा कि जीवन में असफलताएं निराशा नहीं, सीखने का जरिया होती हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के युवा कप्तान शुभमन गिल का उदाहरण देते हुए बताया कि “पहले टेस्ट में शतक के बावजूद टीम हार गई, लेकिन गिल ने हार से सबक लेकर अगले टेस्ट में डबल सेंचुरी जड़ी और भारत ने शानदार जीत दर्ज की।”

छात्रावासीय शिक्षा – आत्मनिर्भरता और सफलता का द्वार

पूर्व गृहमंत्री ने छात्रावास को सिर्फ भवन नहीं, बल्कि “भविष्य निर्माण की प्रयोगशाला” बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को महापुरुषों के उदाहरण देकर प्रेरित किया —

  • डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, जिन्होंने बाल्यकाल में अखबार बांटे लेकिन शिक्षा के बलबूते वैज्ञानिक और देश के राष्ट्रपति बने।

  • महेंद्र सिंह धोनी, जिनके पिता मैदान के वाटरमैन थे, लेकिन धोनी ने परिश्रम से क्रिकेट के शिखर को छुआ और भारत को विश्व विजेता बनाया।

  • भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण, जिन्होंने गुरुकुल छात्रावासों में रहकर ज्ञान प्राप्त किया।

श्री सिंह ने विद्यार्थियों को बताया कि “गुरुकुल प्रणाली ही भारत की पारंपरिक छात्रावासीय शिक्षा थी, जिसमें जीवन मूल्यों, अनुशासन और समर्पण की शिक्षा दी जाती थी। आज के छात्रावास उसी परंपरा की आधुनिक पुनरावृत्ति हैं।”

खुरई में शिक्षा का सतत विकास

पूर्व गृहमंत्री ने अपने भाषण में खुरई क्षेत्र में शिक्षा के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों का भी उल्लेख किया:

  • कस्तूरबा गांधी छात्रावास की 100 सीटें पहले ही पूर्ण थीं, जिसे देखते हुए यह दूसरा 100 सीटर छात्रावास निर्मित कराया गया।

  • गढ़ौला जागीर में 38 करोड़ लागत से सीएम राइज स्कूल का निर्माण हो रहा है, जिसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘सांदीपनि स्कूल’ नाम दिया है।

  • खुरई में आईटीआई और पॉलिटेक्निक कॉलेज को रोजगार उन्मुख पाठ्यक्रमों के लिए 7 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।

  • कृषि महाविद्यालय की स्थापना की गई है, जिसका भवन निर्माण प्रगति पर है।

श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुलभ बना रहे हैं। “अब बच्चों को महंगे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने की आवश्यकता नहीं, क्योंकि सीएम राइज स्कूल और मॉडल छात्रावास जैसी सुविधाएं उनके गाँव में ही मिल रही हैं।”

पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

उद्घाटन के अवसर पर श्री भूपेन्द्र सिंह ने छात्रावास परिसर में हरियाली की कमी को गंभीरता से लिया और नगर पालिका सीएमओ को निर्देशित किया कि परिसर में वृक्षारोपण किया जाए। उन्होंने घोषणा की कि आगामी “खुरई में एक दिन दस हजार वृक्ष” कार्यक्रम में प्रत्येक विद्यार्थी एक पौधा लगाएगा और उसकी देखरेख करेगा।

सांस्कृतिक प्रस्तुति व अतिथि उपस्थिति

कार्यक्रम में मीनू चौरसिया एवं उनकी सहेलियों द्वारा भावनात्मक और प्रेरक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिससे वातावरण शिक्षाप्रद और सजीव हो उठा।
एडीशनल डीपीसी श्री अभय श्रीवास्तव ने छात्रावास और शिक्षण व्यवस्था का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रशासन एवं भाजपा संगठन के अनेक प्रमुख जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण मौजूद रहे:
नगर पालिका अध्यक्ष नन्हीबाई, एसडीएम मनोज चौरसिया, एसडीओपी सचिन परते, बीएमओ रामजी ठाकुर, बीईओ आर.एस शर्मा, प्राचार्यगण, मंडल अध्यक्ष, स्थानीय कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक।


खुरई में 100 सीटर छात्रावास के उद्घाटन के माध्यम से पूर्व गृहमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने न केवल शैक्षणिक अधोसंरचना को सशक्त बनाया बल्कि ग्रामीण विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता और सफलता के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा दी। यह पहल न केवल खुरई बल्कि पूरे प्रदेश के लिए शिक्षा और समर्पण का आदर्श बन सकती है।

ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन 
7806077338, 9109619237

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