अमरमऊ। ग्राम पंचायत तिगोड़ा में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, युवा, मातृशक्ति एवं समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक उत्साह का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जयकारों और प्रेरणादायक नारों के बीच निकली इस यात्रा ने पूरे गांव को भक्तिमय और उत्सवमय वातावरण से भर दिया। शोभायात्रा में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।
इसके पश्चात मंचीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें नरयावली क्षेत्र के विधायक वीरेन्द्र सिंह, ग्राम पंचायत तिगोड़ा की सरपंच लक्ष्मी शिवराज राय तथा समाजसेवी अभय जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन, व्यक्तित्व और समाज के प्रति उनके अतुलनीय योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होलकर केवल एक कुशल शासक ही नहीं थीं, बल्कि न्यायप्रिय, धर्मनिष्ठ और जनकल्याणकारी सोच रखने वाली महान महिला थीं। उनके शासनकाल में जनहित के अनेक कार्य हुए, जिनकी मिसाल आज भी दी जाती है।

वक्ताओं ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण, धार्मिक स्थलों के संरक्षण और लोककल्याण के क्षेत्र में जो कार्य किए, वे आज भी प्रेरणा के स्रोत हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में सेवा, समर्पण और सद्भाव की भावना को मजबूत किया जा सकता है।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय पाल समाज के पदाधिकारी, ग्राम के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, मातृशक्ति और युवा वर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने लोकमाता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने समाज में शिक्षा, संस्कार और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन हमें निस्वार्थ सेवा, न्याय और मानवता के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों, आयोजकों और उपस्थित ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया। पूरे आयोजन ने ग्रामीणों के बीच सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों के प्रति नई जागरूकता का संदेश दिया।