ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय, कलेक्टर ने कर्मचारियों की ड्यूटी की निर्धारित !

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सागर, 02 जून 2026। जिले में ग्रीष्मकाल के दौरान पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्रीमती प्रतिभा पाल ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम के संचालन के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी है। इस संबंध में जारी आदेश के अनुसार आगामी आदेश तक कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेगा और पेयजल संबंधी शिकायतों की निगरानी एवं निराकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।

जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि कलेक्ट्रेट कार्यालय के कक्ष क्रमांक-07 में स्थापित कंट्रोल रूम के माध्यम से जिलेभर से प्राप्त होने वाली पेयजल संबंधी शिकायतों और समस्याओं पर लगातार नजर रखी जाएगी। इसके लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को तीन अलग-अलग शिफ्टों में तैनात किया गया है, ताकि चौबीसों घंटे शिकायतों का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

आदेश के अनुसार कंट्रोल रूम की प्रथम शिफ्ट प्रातः 8 बजे से दोपहर 4 बजे तक, द्वितीय शिफ्ट दोपहर 4 बजे से रात्रि 12 बजे तक तथा तृतीय शिफ्ट रात्रि 12 बजे से प्रातः 8 बजे तक संचालित होगी। प्रत्येक शिफ्ट में निर्धारित कर्मचारियों को समय पर उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने निर्देशित किया है कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित विभाग तत्काल सक्रिय होकर समस्या का समाधान करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेयजल आपूर्ति से जुड़ी किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए तथा उसके निराकरण में अनावश्यक विलंब न हो।

जिला प्रशासन द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) एवं नगरपालिकाओं के कर्मचारियों को कंट्रोल रूम के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन कर्मचारियों का मुख्य कार्य जिले के विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों का पंजीयन करना, संबंधित अधिकारियों तक सूचना पहुंचाना तथा शिकायत के निराकरण की निगरानी करना होगा।

इसके अतिरिक्त प्रशासन ने आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए रिजर्व कर्मचारियों की भी व्यवस्था की है। आवश्यकता पड़ने पर इन कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएंगी ताकि कंट्रोल रूम का संचालन प्रभावित न हो और शिकायतों के समाधान में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

गौरतलब है कि ग्रीष्मकाल के दौरान कई क्षेत्रों में जलस्तर गिरने, हैंडपंपों के खराब होने अथवा पाइपलाइन संबंधी तकनीकी समस्याओं के कारण पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसे समय में आम नागरिकों को राहत प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कंट्रोल रूम की व्यवस्था की जाती है, जिससे समस्याओं का त्वरित संज्ञान लेकर उनका समाधान किया जा सके।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में नागरिकों को पर्याप्त एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी है और इस दिशा में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिला प्रशासन को उम्मीद है कि कंट्रोल रूम के प्रभावी संचालन से पेयजल संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा तथा आमजन को राहत मिलेगी। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि पेयजल से जुड़ी किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल संबंधित विभाग अथवा कंट्रोल रूम को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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