चॉकलेट रैपर में छिपाकर कनाडा भेजी जा रही थी अफीम: मंदसौर पोस्ट ऑफिस में 455 ग्राम ड्रग्स बरामद, युवक फरार !

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मंदसौर में नशा तस्करी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां चॉकलेट और कैंडी के रैपर में छिपाकर 455 ग्राम अफीम कनाडा भेजने की कोशिश की जा रही थी। यह मामला नई आबादी पोस्ट ऑफिस का है, जहां संदिग्ध पार्सल की जांच के दौरान यह अवैध सामग्री बरामद की गई।


पोस्ट ऑफिस में संदिग्ध पार्सल से खुला राज

सोमवार शाम करीब 4 से 4:30 बजे के बीच एक युवक इंटरनेशनल पार्सल बुक कराने के लिए पोस्ट ऑफिस पहुंचा था। उसने बताया कि पार्सल ओंटारियो (कनाडा) भेजना है और इसमें चॉकलेट आइटम हैं।

Central Bureau of Narcotics (CBN) और पोस्टल कर्मचारियों को उसकी गतिविधियों पर शक हुआ। पूछताछ बढ़ने पर युवक घबरा गया और पार्सल छोड़कर मौके से फरार हो गया।


कैंडी बॉक्स के अंदर छिपाई गई थी अफीम

जांच के दौरान जब पार्सल खोला गया तो उसमें:

  • ‘लव पैन’ नाम के कैंडी बॉक्स
  • कुल 2 पैकेट बॉक्स
  • 25 छोटे-छोटे पाउच

बरामद हुए। इन पाउचों में कुल 455 ग्राम अफीम छिपाई गई थी। बाकी रैपरों में सामान्य कैंडी मिली, जिससे जांच को भ्रमित करने की कोशिश की गई थी।


सीबीएन की दो घंटे की जांच में खुलासा

सूचना मिलने के बाद सीबीएन की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे तक गहन जांच की। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर की तस्करी का प्रयास था।

अधिकारियों ने पार्सल को जब्त कर लिया और मामला NDPS Act के तहत दर्ज कर जांच शुरू कर दी।


युवक घबराकर मौके से फरार, CCTV से तलाश जारी

पोस्ट ऑफिस कर्मचारियों ने बताया कि जब युवक से पार्सल की सामग्री के बारे में बार-बार पूछा गया तो वह बेहद घबरा गया और सामान छोड़कर भाग निकला।

पोस्ट ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरों में उसकी तस्वीर कैद हो गई है। अब जांच एजेंसियां फुटेज के आधार पर उसकी पहचान और नेटवर्क की जांच कर रही हैं।


तस्करी का नया तरीका: खाने के रैपर में ड्रग्स

जांच अधिकारियों के अनुसार, तस्करों ने इस बार ड्रग्स छिपाने के लिए नया तरीका अपनाया:

  • चॉकलेट और कैंडी रैपर के अंदर पैकिंग
  • छोटे-छोटे पाउच में अफीम
  • अंतरराष्ट्रीय पार्सल के रूप में बुकिंग

इस तरह की तकनीक का उद्देश्य कस्टम और पोस्टल जांच को धोखा देना था।


जांच एजेंसियां कर रही नेटवर्क की पड़ताल

सूत्रों के मुताबिक यह पार्सल नीमच क्षेत्र से भेजे जाने की आशंका है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि:

  • इसके पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है
  • अंतरराष्ट्रीय लिंक क्या हैं
  • और कितने लोग इसमें शामिल हैं

मंदसौर का यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि नशा तस्कर किस तरह नए-नए तरीकों से कानून व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि समय रहते पोस्ट ऑफिस कर्मचारियों और सीबीएन की सतर्कता से यह अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क नाकाम कर दिया गया।

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