छतरपुर एसपी कार्यालय में हंगामा, महिला ने महिला थाना प्रभारी पर लगाए गंभीर आरोप !

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छतरपुर में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक महिला ने एसपी कार्यालय पहुंचकर महिला थाना प्रभारी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। महिला का आरोप है कि थाना प्रभारी ने न केवल उसके घर में घुसकर मारपीट की, बल्कि झूठे मामले में फंसाने की धमकी देते हुए पैसों की अवैध मांग भी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।

एसपी कार्यालय पहुंची पीड़िता, लगाए सनसनीखेज आरोप

यह पूरा मामला गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे का बताया जा रहा है। वार्ड नंबर 01, नौगांव रोड निवासी पूजा प्रजापति, पत्नी रामकिशोर प्रजापति, एसपी कार्यालय पहुंचीं और लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के दौरान पूजा प्रजापति भावुक नजर आईं और उन्होंने पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी आपबीती सुनाई।

घर में घुसकर मारपीट का आरोप

पूजा प्रजापति का आरोप है कि 24 दिसंबर की शाम महिला थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ उनके घर में जबरन घुस आई थीं। उस समय घर में चंपा देवी पाल और किरायेदार सानिया खान मौजूद थीं। पीड़िता के अनुसार, थाना प्रभारी ने दोनों महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की, जिससे वे भयभीत हो गईं।

अवैध शराब के झूठे आरोप, एक लाख की मांग

पूजा प्रजापति ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि उन पर अवैध शराब बेचने का झूठा आरोप लगाया गया। उन्होंने दावा किया कि मामले को “रफा-दफा” करने के लिए थाना प्रभारी द्वारा एक लाख रुपए की मांग की गई। पीड़िता का कहना है कि जब उन्होंने इतनी बड़ी रकम देने से इनकार किया, तो कथित तौर पर जबरन 30 हजार रुपए छीन लिए गए।

फर्जी केस में जेल भेजने और धमकियों का दावा

पीड़िता के अनुसार, इसके बाद से उन्हें लगातार फर्जी शराब तस्करी के मामले में जेल भेजने और किरायेदार से मकान खाली कराने की धमकियां दी जा रही हैं। पूजा प्रजापति का कहना है कि इन घटनाओं के कारण उनका पूरा परिवार गहरे मानसिक तनाव और भय के साए में जी रहा है।

एसपी कार्यालय ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश

मामले की शिकायत मिलते ही एसपी कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पीड़िता को आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और बारीकी से जांच की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि यदि जांच में कोई भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

महिला थाना प्रभारी ने आरोपों को बताया निराधार

वहीं दूसरी ओर, महिला थाना प्रभारी ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार और झूठा बताया है। उनका कहना है कि उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं और सच्चाई जांच के बाद सामने आ जाएगी।

जांच के बाद होगा खुलासा

फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि आरोप कितने सही हैं और कितने निराधार। यह प्रकरण एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।

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