छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक लेकिन राहत देने वाली घटना सामने आई। छौरारन गांव के पास नेशनल हाईवे पर किसी ने अपनी दो-तीन दिन की नवजात बच्ची को लावारिस हालात में पुलिया के नीचे फेंक दिया।

राहगीरों ने सुनी रोने की आवाज
छतरपुर-पन्ना नेशनल हाईवे से गुजर रहे राहगीरों को अचानक पुलिया के नीचे से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। पास जाकर देखने पर उन्होंने देखा कि वहां एक छोटी सी बच्ची पड़ी थी। ग्रामीणों ने तुरंत बमीठा पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने तत्काल किया रेस्क्यू
सूचना मिलते ही बमीठा थाना प्रभारी आशुतोष श्रोत्रिय अपनी टीम और महिला पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित अपनी गोद में लिया और तुरंत बमीठा के सरकारी अस्पताल (पीएचसी) पहुंचाया।

बच्ची पूरी तरह स्वस्थ
अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्ची की जांच की और बताया कि बच्ची फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ है। शुरुआती इलाज के बाद बच्ची को बेहतर देखभाल के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया।

थाना प्रभारी आशुतोष श्रोत्रिय ने कहा कि मीडिया और स्थानीय लोगों के जरिए सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची का रेस्क्यू किया।

माता-पिता की तलाश शुरू
पुलिस ने अज्ञात माता-पिता के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इस मासूम को इस हालत में हाईवे पर किसने और क्यों छोड़ा।