छतरपुर में पत्नी पर पति की पीट-पीटकर हत्या का आरोप, घरेलू विवाद के बाद गई युवक की जान ! में घरेलू विवाद ने एक परिवार को उजाड़ दिया। शहर के महोबा रोड क्षेत्र में रहने वाले 37 वर्षीय युवक दीपक रैकवार उर्फ टीडे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उसकी पत्नी कमला रैकवार ने लाठी-डंडों और गर्म बर्तनों से बेरहमी से मारपीट की, जिसके कारण गंभीर रूप से घायल दीपक ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं परिवार के आरोपों और मोहल्ले के लोगों के बयानों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
घरेलू विवाद के बाद हुई मारपीट
जानकारी के अनुसार मृतक दीपक रैकवार अपनी पत्नी कमला रैकवार और बच्चों के साथ महोबा रोड क्षेत्र में रहता था। परिजनों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।
मृतक की मां Mangubai Raikwar ने आरोप लगाया कि कमला का कई लोगों से मेलजोल था, जिसे लेकर दीपक अक्सर आपत्ति जताता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच आए दिन झगड़े होते थे।

मंगलवार को भी पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ, जो धीरे-धीरे हिंसक हो गया। परिवार का आरोप है कि गुस्से में कमला ने दीपक पर लाठी-डंडों और अन्य घरेलू सामान से हमला कर दिया।
शरीर पर मिले गंभीर चोटों के निशान
परिजनों के अनुसार मारपीट इतनी बेरहमी से की गई कि दीपक के शरीर पर कई जगह गंभीर चोटों के निशान पड़ गए। हाथ, पेट, पीठ और कमर पर गहरे जख्म दिखाई दिए।
दीपक की बहन Parvati Raikwar ने आरोप लगाया कि आरोपी महिला ने गर्म बर्तनों से भी उसे जलाया। उन्होंने कहा कि उनका भाई दर्द से तड़पता रहा और परिवार उसे अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
परिवार के लोगों का कहना है कि मारपीट के बाद दीपक की हालत लगातार बिगड़ती चली गई थी।
अस्पताल में हुई मौत
गंभीर हालत में दीपक को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। लेकिन चोटें अधिक होने के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

दीपक की मौत के बाद अस्पताल में परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी अस्पताल पहुंची और पूरे मामले की जानकारी जुटाई।
“बहू ने ही मेरे बेटे को मार डाला”
मृतक की मां मंगूबाई ने मीडिया और पुलिस के सामने रोते हुए आरोप लगाया कि उनकी बहू ने ही उनके बेटे की जान ली है।
उन्होंने कहा कि कमला अक्सर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देती थी। परिवार में लंबे समय से तनाव का माहौल था और आए दिन झगड़े होते रहते थे।
मंगूबाई ने बताया कि घटना वाले दिन भी कमला बेहद गुस्से में थी और उसने ईंट उठाकर दौड़ लगाई। इसके बाद लाठी-डंडों से दीपक की जमकर पिटाई की गई।
पांच साल मायके में रही थी पत्नी
स्थानीय लोगों के अनुसार कमला रैकवार करीब पांच साल तक अपने मायके में रह रही थी। कुछ समय पहले ही वह वापस पति के घर लौटी थी।
बताया जा रहा है कि जब वह लौटी तो उसके साथ करीब तीन साल का एक बच्चा भी था, जबकि दीपक और कमला की पहले से सात साल की एक बेटी है। इसी बात को लेकर परिवार में तनाव और विवाद बढ़ गया था।
मोहल्ले के लोगों का कहना है कि पति-पत्नी के रिश्तों में लंबे समय से अविश्वास और मनमुटाव बना हुआ था।
शराब की लत से बढ़ते थे झगड़े
पड़ोसियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक दीपक शराब पीने का आदी था। शराब के नशे में अक्सर घर में विवाद होता था।
लोगों का कहना है कि कई बार पति-पत्नी के बीच झगड़े इतने बढ़ जाते थे कि आसपास के लोगों को बीच-बचाव करना पड़ता था। घरेलू तनाव, शराब की लत और आपसी अविश्वास ने परिवार की स्थिति को लगातार बिगाड़ दिया था।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलने के बाद Chhatarpur City Kotwali Police मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
पुलिस आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मारपीट कितनी गंभीर थी और घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
कई पहलुओं से जांच
पुलिस इस मामले को केवल घरेलू विवाद के रूप में नहीं देख रही, बल्कि हर पहलू से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि परिवार के आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले ने इलाके में चर्चा और तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।