छतरपुर में युवक को छह महीने होटल में बंधक बनाकर रखने का आरोप, मजदूरी मांगने पर मारपीट !

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छतरपुर जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने आरोप लगाया है कि उसे पिछले छह महीनों से एक होटल में बंधक बनाकर जबरन काम कराया जा रहा था। इतना ही नहीं, उसे मजदूरी के पैसे भी नहीं दिए गए और घर जाने की बात करने पर होटल संचालकों ने उसके साथ मारपीट की। घायल हालत में युवक किसी तरह होटल से भागकर अपने घर पहुंचा, जिसके बाद परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल उसका इलाज जारी है।

मामला ओरछा रोड थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर के सामने स्थित एक होटल से जुड़ा बताया जा रहा है। पीड़ित युवक संजय रैकवार ने आरोप लगाया कि भारत होटल के संचालक गालिब प्यार मोहम्मद और पन्नू ने उसे पिछले छह महीनों से बंधक बनाकर रखा था।

संजय का कहना है कि उससे लगातार काम कराया जाता था, लेकिन बदले में मजदूरी नहीं दी जाती थी। केवल खाना-पानी देकर उससे दिनभर काम लिया जाता था। उसने आरोप लगाया कि काम खत्म होने के बाद उसे कमरे में बंद कर दिया जाता था और बाहर से ताला लगा दिया जाता था।

पीड़ित के अनुसार सुबह काम के समय ही कमरे का ताला खोला जाता था और फिर उससे होटल में काम कराया जाता था। इस दौरान उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया था, ताकि वह अपने परिवार से संपर्क न कर सके। संजय ने बताया कि वह पिछले छह महीनों से अपनी पत्नी और बच्चों से नहीं मिल पाया था।

संजय ने बताया कि जब उसने होटल संचालकों से घर जाने की बात कही तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इसके बाद किसी तरह मौका देखकर वह वहां से भाग निकला और घायल हालत में अपने घर पहुंचा।

पीड़ित की पत्नी सुमन रैकवार ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति को होटल में बंधक बनाकर रखा गया था और लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। सुमन ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। उनके परिवार में एक बेटी है, जो बोलने में दिव्यांग है। घर का खर्च चलाने के लिए वह खुद लोगों के घरों में काम करती हैं।

सुमन ने आरोप लगाया कि जब उनके पति अस्पताल में भर्ती थे, तब होटल संचालक रात के समय जिला अस्पताल भी पहुंचे थे। वहां उन्होंने घायल संजय को जबरन अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। हालांकि अस्पताल में मौजूद लोगों ने इसका विरोध किया और पुलिस को सूचना देने की बात कही, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग निकले।

परिवार का कहना है कि उन्हें अब भी डर है कि आरोपी दोबारा संजय को नुकसान पहुंचा सकते हैं या फिर उसे जबरन वापस ले जाने की कोशिश कर सकते हैं। परिजनों ने प्रशासन और पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।

घटना सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन भी हरकत में आया है। रजत सकलेचा ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

मामले ने श्रमिकों के शोषण और बंधक बनाकर काम कराने जैसे गंभीर मुद्दों को फिर सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह बेहद गंभीर मामला है और इसमें कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

मानवाधिकार और श्रम कानूनों के अनुसार किसी भी व्यक्ति को जबरन बंधक बनाकर काम कराना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। साथ ही मजदूरी नहीं देना और व्यक्ति की स्वतंत्रता छीनना भी कानूनन दंडनीय है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। अस्पताल में घायल युवक का उपचार जारी है और उसके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं परिवार न्याय और सुरक्षा की मांग कर रहा है।

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