दमोह में बदला मौसम का मिजाज: तेंदूखेड़ा में आधे घंटे आंधी-बारिश, कई जगह पेड़ और बिजली पोल गिरे !

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दमोह जिले में शुक्रवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट बदल ली। भीषण गर्मी और तेज धूप से जूझ रहे लोगों को उस समय राहत मिली जब तेंदूखेड़ा सहित कई क्षेत्रों में तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक चली तेज हवाओं और बारिश ने जहां मौसम को सुहावना बना दिया, वहीं कई जगह नुकसान भी पहुंचाया। तेज आंधी के कारण पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए और बिजली के खंभे टूटने से कई क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। वहीं जबेरा क्षेत्र के कलेरा गांव में करीब 10 मिनट तक ओलावृष्टि भी हुई।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। तेंदूखेड़ा ब्लॉक में तेज आंधी का असर सबसे अधिक देखने को मिला। कई स्थानों पर बड़े पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे मुख्य मार्गों और गांवों में आने-जाने का रास्ता बाधित हो गया।

विशेष रूप से तारादेही-झलोन मार्ग पर स्थिति कुछ समय के लिए गंभीर हो गई, जब तीन से चार बड़े पेड़ सड़क पर गिर पड़े। उसी समय वहां से गुजर रही डायल-112 वाहन की टीम ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल राहत कार्य शुरू किया। भगत सिंह ने पायलट की मदद से सड़क पर गिरे पेड़ों को हटवाया, जिससे यातायात दोबारा शुरू कराया जा सका।

स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते पेड़ नहीं हटाए जाते तो सड़क पर लंबा जाम लग सकता था और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता।

तेज आंधी का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। पांजी और पिंडरई क्षेत्र के पास कई बिजली पोल गिर गए, जिससे कई गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली विभाग ने सुरक्षा को देखते हुए तत्काल सप्लाई बंद कर दी ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।

बिजली कंपनी के जूनियर इंजीनियर एमएफ अंसारी ने बताया कि तेज हवा के कारण कुछ स्थानों पर बिजली के खंभे गिर गए हैं। विभाग की टीमों को मौके पर रवाना कर दिया गया है और जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से टूटे तारों और बिजली पोल के आसपास नहीं जाने की अपील की।

बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई। सुबह तक जहां लोग 44 डिग्री के करीब पहुंची गर्मी से परेशान थे, वहीं शाम होते-होते मौसम काफी सुहावना हो गया। बारिश के बाद सड़कों और बाजारों में लोगों ने राहत महसूस की।

जबेरा ब्लॉक के कलेरा गांव में मौसम का अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां तेज बारिश के साथ करीब 10 मिनट तक ओले भी गिरे। ओलावृष्टि के कारण खेतों और खुले स्थानों पर सफेद चादर जैसी स्थिति बन गई। हालांकि अभी तक फसलों को बड़े नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई है, लेकिन किसान मौसम के इस अचानक बदलाव को लेकर चिंतित भी नजर आए।

ग्रामीणों ने बताया कि दोपहर तक तेज गर्मी और उमस के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया था, लेकिन बारिश शुरू होते ही बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने राहत महसूस की। कई लोग बारिश का आनंद लेते भी दिखाई दिए।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय गतिविधियों के कारण इस प्रकार के बदलाव देखने को मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में भी कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।

बारिश के कारण कुछ स्थानों पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति भी बनी। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों पर फिसलन बढ़ गई, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के बीच यह बारिश राहत लेकर आई है। हालांकि तेज हवाओं से कई जगह दुकानों के बाहर लगे टीन शेड और होर्डिंग भी प्रभावित हुए हैं।

फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग हालात पर नजर बनाए हुए हैं। बिजली विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सक्रिय हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

तेज गर्मी के बाद अचानक बदले मौसम ने जहां लोगों को राहत दी है, वहीं आंधी और ओलावृष्टि ने यह भी दिखा दिया कि मौसम अब पूरी तरह अस्थिर होता जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग आने वाले दिनों के मौसम को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।

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