जनगणना समीक्षा बैठक से अनुपस्थित 14 प्रगणकों को नोटिस, 24 घंटे में मांगा जवाब !

Spread the love

बंडा। सांदीपनि विद्यालय में आयोजित जनगणना समीक्षा बैठक में बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने वाले 14 प्रगणकों और तीन पर्यवेक्षकों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बैठक में अनुपस्थित रहने पर सभी संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।

जानकारी के अनुसार जनगणना कार्य की प्रगति और व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई थी। इसके बावजूद कई कर्मचारी बिना सूचना अनुपस्थित रहे। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित कर्मचारियों को व्हाट्सएप संदेश और फोन कॉल के माध्यम से बैठक की जानकारी दी गई थी, लेकिन इसके बाद भी वे उपस्थित नहीं हुए।

बैठक से अनुपस्थित रहने वाले प्रगणकों में कौशल किशोर आठिया, रंजीत कुमार गौर, प्रदीप कुमार अहिरवार, प्रयांक सिंह उईके, भारती शाक्या, मुकेश कुमार अहिरवार, नीरज कुमार श्रीवास्तव, अशोक कुमार विश्वकर्मा, महेन्द्र कुमार जाटव, अरविंद कुमार शाहजी, शेर सिंह लोधी, नीलेश कुमार जैन, मनोज कुमार जैन एवं आदित्य जैन शामिल हैं।

इसी प्रकार बैठक में अनुपस्थित रहने वाले पर्यवेक्षकों दिवाकर मिश्रा, पंकज श्रीवास्तव और संजय सेन को भी नोटिस जारी किया गया है।

जनगणना अधिकारी नीरज रैकवार ने बताया कि जनगणना कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण और समयबद्ध प्रक्रिया है। शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा में सभी कार्यों को पूरा करना आवश्यक है, इसलिए लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहना कार्य के प्रति गंभीरता की कमी को दर्शाता है।

अधिकारी ने बताया कि अनुपस्थित कर्मचारियों से 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।

प्रशासन ने इस पूरे मामले की जानकारी कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी को भी भेज दी है। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही से पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

गौरतलब है कि जनगणना कार्य शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों के निर्माण का आधार माना जाता है। इसके माध्यम से जनसंख्या, सामाजिक स्थिति और विभिन्न वर्गों से संबंधित आंकड़े एकत्रित किए जाते हैं, जिनके आधार पर विकास योजनाएं तैयार की जाती हैं। ऐसे में अधिकारियों द्वारा कार्य में अनुशासन और समयबद्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

प्रशासन की इस कार्रवाई को कर्मचारियों के बीच सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई से कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और जनगणना कार्य समय पर पूरा किया जा सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *