Sagar जिले में जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों के निराकरण को लेकर जिला प्रशासन लगातार सक्रियता दिखा रहा है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर अधिकारियों द्वारा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है, ताकि आमजन को समय पर न्याय और राहत मिल सके। इसी क्रम में शाहगढ़ क्षेत्र में रास्ता विवाद और कब्जे से जुड़ी एक शिकायत पर प्रशासन ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच की।
जानकारी के अनुसार शाहगढ़ की स्थानीय निवासी आवेदिका माया ने जनसुनवाई में आवेदन प्रस्तुत कर रास्ता विवाद एवं कब्जे संबंधी शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदिका ने शिकायत में बताया था कि रास्ते को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है, जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने तत्काल संज्ञान लिया और एसडीएम शाहगढ़ श्री नवीन सिंह ठाकुर को मौके पर पहुंचकर जांच एवं त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
कलेक्टर के निर्देश मिलते ही एसडीएम श्री नवीन सिंह ठाकुर राजस्व विभाग की टीम के साथ विवादित स्थल पर पहुंचे और पूरे मामले का मौका-मुआयना किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने दोनों पक्षों की बात सुनी और विवाद की वास्तविक स्थिति को समझने का प्रयास किया। राजस्व अधिकारियों द्वारा मौके पर उपलब्ध अभिलेखों और भूमि संबंधी दस्तावेजों का परीक्षण भी किया गया।
एसडीएम श्री ठाकुर ने मौके पर उपस्थित संबंधित पक्षों को समझाइश देते हुए कहा कि विवाद का समाधान राजस्व अभिलेखों और विधिक प्रावधानों के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रास्ता एवं कब्जा विवाद से जुड़े मामले का निष्पक्ष और विधिसम्मत निराकरण शीघ्र सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।

निरीक्षण के दौरान राजस्व टीम ने भूमि की स्थिति, रास्ते की उपलब्धता और कब्जे से संबंधित तथ्यों का परीक्षण किया। अधिकारियों ने यह भी देखा कि विवाद का आमजन और आवेदिका के दैनिक जीवन पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि किसी भी व्यक्ति के वैध अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को पहले ही निर्देश दिए हैं कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा है कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और शिकायतों के निराकरण में संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है।
जिला प्रशासन द्वारा लगातार जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की मॉनिटरिंग की जा रही है। विशेष रूप से भूमि विवाद, अतिक्रमण, रास्ता विवाद और राजस्व संबंधी मामलों में अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने और समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करना सकारात्मक पहल है। इससे लोगों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होता है और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का रास्ता भी निकलता है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जिले में जनसुनवाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रत्येक शिकायत की समीक्षा कर संबंधित विभागों को समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाते हैं। यदि किसी मामले में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाती है।
शाहगढ़ में रास्ता विवाद के इस मामले में अब राजस्व अभिलेखों और जांच प्रतिवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि विवाद का समाधान शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से किया जाए, ताकि दोनों पक्षों के अधिकार सुरक्षित रह सकें और क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द बना रहे।