जबलपुर में करीब दो महीने पहले हुए एक युवक की आत्महत्या का मामला अब एक नए वीडियो के सामने आने के बाद दोबारा सुर्खियों में आ गया है। इस वीडियो ने न केवल मामले की दिशा बदल दी है, बल्कि पुलिस को भी पूरे घटनाक्रम की पुनः जांच करने पर मजबूर कर दिया है।
राजस्थान के झालावाड़ जिले के निवासी 25 वर्षीय युवक लोकेश सिंह ने 3 मार्च को जबलपुर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। शुरुआती जांच में इसे सामान्य आत्महत्या का मामला माना गया था और पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया था। बाद में परिजन शव लेकर राजस्थान लौट गए और अंतिम संस्कार कर दिया गया था।
लेकिन अब करीब दो महीने बाद इस मामले में नया मोड़ तब आया, जब मृतक के मोबाइल फोन से एक वीडियो सामने आया। यह वीडियो लोकेश ने आत्महत्या से कुछ ही समय पहले रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो में उसने कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें उसने अपनी मौत के लिए कुछ लोगों को जिम्मेदार बताया है।

परिजनों के अनुसार, लोकेश की मृत्यु के बाद उसका मोबाइल उनके पास ही था। कुछ दिन पहले जब उसके पिता ने मोबाइल की जांच की, तो उसमें एक वीडियो मिला। इस वीडियो में लोकेश बेहद मानसिक तनाव की स्थिति में दिखाई दे रहा है और वह अपनी परेशानियों का जिक्र कर रहा है।
वीडियो में उसने राजस्थान के अपने ससुराल पक्ष के कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि एक लड़की के साथ उसकी निजी तस्वीर को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, जिससे उसकी सामाजिक छवि खराब हुई और वह मानसिक रूप से टूट गया।
लोकेश ने वीडियो में यह भी कहा कि उसे लगातार बदनाम किया गया और परिवार व समाज में उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया गया। वीडियो में उसने कुछ लोगों के नाम भी लिए और अपने दर्द को व्यक्त करते हुए यह भी कहा कि जो उसके साथ हो रहा है वह गलत है।
जानकारी के अनुसार, लोकेश की शादी बचपन में ही तय कर दी गई थी। बाद में जैसे-जैसे समय बीतता गया, दोनों परिवारों के बीच रिश्तों में तनाव बढ़ता गया। परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष की ओर से युवक को लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था।
मृतक के पिता तूफान सिंह का कहना है कि उनके बेटे को लंबे समय से तनाव में रखा जा रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने पहले भी स्थानीय पुलिस चौकी में इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से कुछ दिन पहले लोकेश ने एक युवती के साथ अपनी तस्वीर इंस्टाग्राम पर पोस्ट की थी। इस तस्वीर में वह युवती के साथ दिखाई दे रहा था और यह फोटो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
यह फोटो जब ससुराल पक्ष तक पहुंची, तो विवाद और बढ़ गया। गांव में इस मुद्दे पर सामाजिक बैठक भी हुई, जिसमें इस तरह की पोस्ट पर आपत्ति जताई गई। लड़की के पिता ने साफ कहा कि वे अपनी बेटी का रिश्ता ऐसे व्यक्ति से नहीं कर सकते, जिसके कारण सामाजिक विवाद खड़ा हो।
इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई और शादी टूटने की कगार पर पहुंच गई।
लोकेश की आत्महत्या के बाद मामला सामान्य रूप से बंद कर दिया गया था, लेकिन अब वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने इसे फिर से खोल दिया है। एएसपी सूर्यकांत शर्मा के अनुसार, वीडियो में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनसे पूछताछ की जाएगी और सभी तथ्यों की जांच की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि मामले को हर एंगल से देखा जा रहा है—चाहे वह मानसिक तनाव हो, पारिवारिक विवाद हो या सोशल मीडिया से जुड़ा मामला। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला अब केवल एक आत्महत्या का नहीं रह गया है, बल्कि इसमें पारिवारिक विवाद, सोशल मीडिया विवाद, सामाजिक दबाव और मानसिक तनाव जैसे कई पहलू सामने आ रहे हैं। वीडियो के सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या समय रहते उचित हस्तक्षेप होता तो यह घटना टाली जा सकती थी।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या मृतक को वास्तव में लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था या फिर यह आपसी विवाद का परिणाम था। फिलहाल सभी पहलुओं पर जांच जारी है।
जबलपुर में सामने आया यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि रिश्तों में तनाव, सोशल मीडिया विवाद और मानसिक दबाव कितने गंभीर परिणाम दे सकते हैं। पुलिस की जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी, लेकिन फिलहाल यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।