क्रोएशिया की राजधानी जाग्रेब में आयोजित जाग्रेब ओपन रेसलिंग 2026 में भारत के पहलवानों ने पहले ही दिन शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन किया। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) रैंकिंग सीरीज के इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट अमन सहरावत ने रजत पदक (सिल्वर) जीता, जबकि हरियाणा के सुजीत कलकल ने दमदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (गोल्ड) अपने नाम किया।
यह टूर्नामेंट 4 से 8 फरवरी तक क्रोएशिया के जाग्रेब में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें दुनिया भर के शीर्ष पहलवान हिस्सा ले रहे हैं।
पहले दिन भारत की शानदार शुरुआत
टूर्नामेंट के पहले ही दिन भारत को दो पदक मिले।
- 61 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में अमन सहरावत ने सिल्वर मेडल जीता।
- 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में सुजीत कलकल ने सभी मुकाबले जीतते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।
इन दोनों पहलवानों के प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया कि भारतीय कुश्ती वैश्विक मंच पर लगातार मजबूत होती जा रही है।

पेरिस ओलिंपिक के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हैं अमन सहरावत
अमन सहरावत पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। उन्होंने पेरिस ओलिंपिक में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचा था। फ्रीस्टाइल 57 किग्रा वर्ग में अमन ने प्यूर्टो रिको के डरियन टोई क्रूज को 13-5 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया था।
इस जीत के साथ अमन भारत के सबसे युवा ओलिंपिक मेडलिस्ट बने थे। उन्होंने महज 21 साल 24 दिन की उम्र में ओलिंपिक पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया।
हाल ही में आयोजित प्रो रेसलिंग लीग (PWL) में भी अमन सहरावत ने मुंबई टाइगर्स की ओर से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया था।
सुजीत कलकल का स्वर्णिम सफर
65 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीतने वाले सुजीत कलकल हरियाणा के दादरी जिले के गांव इमलोटा के रहने वाले हैं। वे पहले भी अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप के विजेता रह चुके हैं।
सुजीत को भी हाल ही में प्रो रेसलिंग लीग में दिल्ली की टीम से खेलने का मौका मिला था। जाग्रेब ओपन में उनका आत्मविश्वास और तकनीकी कुश्ती देखने लायक रही, जिसके दम पर उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
41 सदस्यीय भारतीय दल ले रहा हिस्सा
इस रेसलिंग ओपन रैंकिंग सीरीज में भारत की ओर से 41 सदस्यीय दल हिस्सा ले रहा है, जिसमें—
- 16 पुरुष फ्रीस्टाइल पहलवान
- 15 महिला पहलवान
- 10 ग्रीको-रोमन पहलवान
शामिल हैं। इतने बड़े दल की मौजूदगी यह दिखाती है कि भारत UWW रैंकिंग सीरीज को भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं की तैयारी के तौर पर ले रहा है।
हरियाणा के पहलवानों का दबदबा
अमन सहरावत हरियाणा के झज्जर जिले के गांव बिरोहड़ के रहने वाले हैं, जबकि सुजीत कलकल दादरी जिले के गांव इमलोटा से आते हैं। दोनों पहलवानों की सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हरियाणा भारतीय कुश्ती की नर्सरी बना हुआ है।
आगे और पदकों की उम्मीद
जाग्रेब ओपन रेसलिंग 2026 अभी शुरुआती दौर में है। पहले दिन मिले एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल से भारतीय टीम का हौसला काफी बढ़ा है। आने वाले दिनों में महिला और ग्रीको-रोमन वर्ग में भी भारत से और पदकों की उम्मीद की जा रही है।
भारतीय कुश्ती के लिए यह टूर्नामेंट न सिर्फ रैंकिंग के लिहाज से अहम है, बल्कि ओलिंपिक और विश्व चैंपियनशिप की तैयारी के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।