जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाते हुए जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए पाँच आदतन अपराधियों को जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। प्रशासन का मानना है कि लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त इन व्यक्तियों की हरकतों से आमजन में भय तथा असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा था, जिसे ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया।

पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन के आधार पर की गई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक द्वारा भेजे गए प्रतिवेदन में बताया गया था कि ये व्यक्ति लंबे समय से चोरी, मारपीट, अवैध गतिविधियों और शांति-व्यवस्था भंग करने जैसे कृत्यों में लिप्त रहे हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी ने यह सख्त निर्णय लिया।
इन अपराधियों को किया गया जिला बदर
कलेक्टर द्वारा जारी आदेशानुसार निम्न व्यक्ति निर्धारित समयावधि के लिए सागर जिला एवं सीमावर्ती जिलों की राजस्व सीमा से निष्कासित किए गए हैं —
- बृजेश पिता धनीराम रावत, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम उजनेठी थाना बिनायका — 04 माह के लिए जिला बदर
- विवेक उर्फ विट्टू ठाकुर पिता नन्हे सिंह, उम्र 22 वर्ष, निवासी अप्सरा टॉकीज क्षेत्र — 07 माह के लिए जिला बदर
- करन उर्फ छोटू बंसल पिता बाबूलाल बंसल, उम्र 25 वर्ष, निवासी स्टेशन टपरिया थाना केन्ट — 08 माह के लिए जिला बदर
- रियाज पिता जमील मकरानी, उम्र 35 वर्ष, निवासी 12/69 सदर बाजार थाना केन्ट — 06 माह के लिए जिला बदर
- फरहान उर्फ बिहारी पिता साबिर मकरानी, उम्र 24 वर्ष, निवासी मोहल्ला सदर बाजार थाना केन्ट — 08 माह के लिए जिला बदर
न्यायालय में पेशी पर मिलेगी छूट — लेकिन शर्तों के साथ
जिला बदर किए गए व्यक्तियों के विरुद्ध यदि किसी न्यायालय में प्रकरण लंबित है, तो वे नियत तिथि पर पेशी के लिए न्यायालय में उपस्थित हो सकेंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें एक निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा —
- पेशी के लिए जिले में प्रवेश करने से पूर्व संबंधित थाना प्रभारी को लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा।
- पेशी पूरी होते ही उन्हें तुरंत जिले की सीमा से बाहर जाना होगा।
- आदेश का उल्लंघन करने पर उनके विरुद्ध और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का संदेश — अपराध पर जीरो टॉलरेंस
कलेक्टर संदीप जी.आर. ने स्पष्ट किया कि जिले में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले आरोपियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। जिला प्रशासन और पुलिस मिलकर ऐसे अपराधियों पर निरंतर निगरानी रख रही है, जो समाज में असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न करते हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि आमजन सुरक्षित महसूस कर सकें और समाज में शांति बनी रहे।