जीवन में आनंद और मानसिक सशक्तिकरण पर दिया जोर !

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जैसीनगर विकासखण्ड के जनपद पंचायत सभागार में म.प्र. शासन की सुशासन पहल के तहत अल्पविराम परिचय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला राज्य आनंद संस्थान (आनंद विभाग) एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के संयुक्त सहयोग से आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य शासकीय कर्मचारियों के तनाव, अवसाद को कम करना और उनके जीवन में आनंद की अनुभूति बढ़ाना था।

कार्यशाला का शुभारंभ माँ सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलित करके मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जैसीनगर श्री श्रीराम सोनी, आनंद विभाग के राज्य कार्यक्रम समन्वयक श्री आकाश दुबे और बीआरसीसी डा. जेएस अहिरवार द्वारा किया गया। मुख्य अतिथियों ने कहा कि जीवन में मानसिक और शारीरिक क्षमता का संतुलन आवश्यक है। यदि हम तनाव और नकारात्मक विचारों को कम कर आनंदपूर्ण जीवन अपनाएं, तभी हम अपने उत्तरदायित्व को सकारात्मक भाव से निभा सकते हैं।

कार्यशाला में जिला समन्वयक आनंद विभाग श्री रामकेश तेकाम ने प्रतिभागियों को बताया कि आनंद स्थायी भाव है, जो जीवन का आधार है। इसके माध्यम से जीवन में सुख-दुःख का संतुलन बनाए रखा जा सकता है। मास्टर ट्रेनर श्री अनिल राय ने आनंद को जीवन में स्थायी बनाने के उपाय साझा किए, जबकि श्री जीवन रजक ने स्वयं से संपर्क और सुधार की प्रक्रिया पर मार्गदर्शन दिया।

कार्यक्रम में फ्रीडम ग्लास (मुक्ति पात्र) का सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अल्पविराम के माध्यम से जीवन में सुधार और सकारात्मक दिशा अपनाने के अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों ने शांत समय में अपनी कमियों को सुधारने और जीवन में संतुलन बनाने का संकल्प लिया।

कार्यशाला में विकासखंड के महिला बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग, उद्यानिकी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। समापन सत्र में राज्य कार्यक्रम समन्वयक श्री आकाश दुबे ने जीवन में 5 यज्ञ (ब्रह्म यज्ञ, देव यज्ञ, पितृ यज्ञ, मनुष्य यज्ञ, भूत यज्ञ) का पालन करने का महत्व बताया। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए और जैसीनगर विकासखंड समन्वयक श्री जय सिंह ठाकुर ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यशाला ने प्रतिभागियों को अपने अंदर झांकने, मानसिक तनाव कम करने और आनंदपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित किया, जिससे वे अपने कार्यों में और अधिक सकारात्मक एवं समर्पित बन सकें।

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