सागर (मध्यप्रदेश)।
सागर जिले के जैसीनगर में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जब राखड़ से भरा एक 22 चक्का भारी कंटेनर अनियंत्रित होकर मोड़ पर पलट गया। इस हादसे में कंटेनर में सवार क्लीनर सुरेश सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ड्राइवर अलवर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोगों ने भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने की मांग तेज कर दी है।

कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कंटेनर गाड़रवाड़ा से राखड़ भरकर सिलवाली होते हुए जैसीनगर मार्ग से होकर सागर की ओर जा रहा था। जैसे ही वाहन जनपद पंचायत कार्यालय के सामने स्थित तेज मोड़ पर पहुंचा, वह ड्राइवर के नियंत्रण से बाहर हो गया और सड़क किनारे पलट गया।
कंटेनर पलटते ही उसमें सवार ड्राइवर और क्लीनर केबिन में बुरी तरह फंस गए। घटना की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस और स्थानीय लोगों की तत्परता
सूचना मिलते ही जैसीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को बाहर निकाला गया। दोनों को जैसीनगर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने क्लीनर सुरेश सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं, ड्राइवर का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

अवैध मार्ग और टोल टैक्स बचाने की वजह से हो रहे हादसे
स्थानीय लोगों ने हादसे के लिए भारी वाहनों की बेतरतीब आवाजाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि टोल टैक्स बचाने के लिए डंपर, कंटेनर और अन्य भारी वाहन जैसीनगर-भापेल मार्ग से गुजरते हैं, जिससे नगर के मुख्य मार्ग पर दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है।
इस मार्ग पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाए गए। उदयपुरा की ओर से रेत और राखड़ से भरे भारी वाहन बिना टोल दिए जैसीनगर होते हुए सागर पहुंचते हैं, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।
पुलिस जांच जारी
जैसीनगर थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कंटेनर का रजिस्ट्रेशन और मालिकाना जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि दोषियों पर आवश्यक कार्यवाही की जा सके।

स्थानीयों की मांग: भारी वाहनों की नो-एंट्री हो लागू
इस हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों में आक्रोश है। उनका कहना है कि नगर की संकरी सड़कों और घनी आबादी वाले इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए। इसके लिए प्रशासन को विशेष निगरानी और चेक पोस्ट बनाकर कार्रवाई करनी चाहिए।
जैसीनगर की यह घटना न केवल एक दर्दनाक सड़क हादसा है, बल्कि यह प्रशासन और ट्रैफिक प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। जब तक टोल टैक्स बचाने की प्रवृत्ति और भारी वाहनों की अनियमित आवाजाही पर रोक नहीं लगती, तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस हादसे से कोई सबक लेता है या फिर ऐसी दुर्घटनाएं फिर किसी परिवार की खुशियों को छीन लेंगी।