भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले ने अब बड़ा राजनीतिक और सामाजिक रूप ले लिया है। मामले में फरार चल रहे पति समर्थ सिंह के खिलाफ पुलिस ने लुक आउट नोटिस जारी कर दिया है। वहीं, ट्विशा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में रिटायर्ड सैनिकों ने बाइक रैली निकालकर प्रदर्शन किया। पूर्व सैनिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई।
इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लिया है, जबकि राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता Vivek Tankha ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
फरार पति समर्थ सिंह पर लुक आउट नोटिस
भोपाल पुलिस कमिश्नर Sanjay Singh ने बताया कि ट्विशा शर्मा मौत मामले में फरार पति समर्थ सिंह की तलाश तेज कर दी गई है। आरोपी के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया है ताकि वह देश छोड़कर भाग न सके।

पुलिस के अनुसार विशेष जांच दल (एसआईटी) मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। पुलिस लगातार तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
कमिश्नर ने कहा कि पुलिस को दूसरे पोस्टमार्टम से कोई आपत्ति नहीं है और यदि जरूरत पड़ी तो आगे की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
“शुरुआती जांच में आत्महत्या जैसा मामला”
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने बताया कि मृतका के गले पर मिले निशान बेल्ट से फांसी लगाने जैसे दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि पुलिस का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्विशा की मौत के दो दिन के भीतर ही एफआईआर दर्ज कर ली गई थी और जांच लगातार जारी है।
11 मई को हुई थी ट्विशा की मौत
जानकारी के अनुसार ट्विशा शर्मा की 11 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ट्विशा गर्भवती थी और उसकी मौत के बाद मामला और संवेदनशील हो गया।

ससुराल पक्ष ने दावा किया था कि ट्विशा ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है, जबकि मायके वालों ने पति समर्थ सिंह और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया।
घटना के बाद से ही समर्थ सिंह फरार बताया जा रहा है, जिसकी गिरफ्तारी की मांग लगातार तेज होती जा रही है।
शादी को अभी कुछ ही महीने हुए थे
बताया जा रहा है कि ट्विशा शर्मा और समर्थ सिंह की शादी 12 दिसंबर 2025 को हुई थी। शादी के कुछ महीनों बाद ही इस तरह की घटना सामने आने से परिवार और समाज दोनों स्तब्ध हैं।
मृतका के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ट्विशा मानसिक तनाव में थी और उसे प्रताड़ित किया जा रहा था।
रिटायर्ड सैनिकों ने निकाली बाइक रैली
ट्विशा शर्मा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बुधवार को भोपाल में बड़ी संख्या में रिटायर्ड सैनिकों ने बाइक रैली निकाली।
पूर्व सैनिक शौर्य स्मारक परिसर और लाल परेड ग्राउंड में एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर “ट्विशा को न्याय दो” और “आरोपी को गिरफ्तार करो” जैसे नारे लगाए।
रैली के दौरान कई पूर्व सैनिकों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए।
स्पेशल डीजी को सौंपा ज्ञापन
रैली के बाद रिटायर्ड जनरल Shyam Sundar Shrivastava के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने स्पेशल डीजी Anil Kumar Sharma से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें मांगपत्र सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
रिटायर्ड जनरल ने बताया कि इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री और राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपा जाएगा।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और किसी प्रकार का दबाव नहीं है।
“ड्रग्स के आरोप मनगढ़ंत”
रैली में शामिल एक रिटायर्ड विंग कमांडर ने ट्विशा पर लगाए गए ड्रग्स संबंधी आरोपों को मनगढ़ंत बताया।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप किसी भी व्यक्ति पर लगाए जा सकते हैं और इससे मामले की असल सच्चाई नहीं बदलती।
पूर्व सैनिकों का आरोप था कि परिवार के कुछ लोग खुद आरोपों से बचने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि देश के सैनिकों और उनके परिवारों के साथ ऐसा व्यवहार होगा तो इसका असर जवानों के मनोबल पर पड़ेगा।
“कैसी पुलिस है जो आरोपी को नहीं पकड़ पा रही”
प्रदर्शन कर रहे पूर्व सैनिकों ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।
उनका कहना था कि आखिर ऐसी कैसी पुलिस व्यवस्था है जो इतने दिनों बाद भी मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई।
उन्होंने मांग की कि आरोपी समर्थ सिंह को जल्द गिरफ्तार कर कानून के तहत कार्रवाई की जाए।
“ट्विशा सिर्फ भोपाल नहीं, देश की बेटी”
रैली में शामिल सुबेदार मेजर RK Gupta ने कहा कि ट्विशा केवल भोपाल की नहीं, बल्कि पूरे देश की बेटी है।
उन्होंने कहा कि मामले में कई बातें शुरू से ही संदिग्ध दिखाई दे रही हैं। इतनी जल्दी पोस्टमार्टम होना और एफआईआर में देरी जैसे मुद्दे कई सवाल खड़े करते हैं।
उन्होंने कहा कि लोग न्याय की लड़ाई लड़ने के लिए एकजुट होकर सामने आए हैं।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए National Commission for Women ने स्वतः संज्ञान लिया है।
आयोग ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी को पत्र लिखकर सात दिन के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी है।
आयोग ने यह भी पूछा है कि एफआईआर में कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और फॉरेंसिक साक्ष्यों पर क्या कार्रवाई हुई है।
साथ ही आयोग ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
विवेक तंखा ने की सीबीआई जांच की मांग
राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा ने मामले की जांच Central Bureau of Investigation से कराने की मांग उठाई है।
उन्होंने मुख्यमंत्री Mohan Yadav और केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah को पत्र लिखकर कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए।
तंखा का कहना है कि निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच आवश्यक है।
पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना मामला
ट्विशा शर्मा मौत मामला अब केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रदेशभर में चर्चा और बहस का विषय बन चुका है।
एक ओर जहां पुलिस आत्महत्या की आशंका जता रही है, वहीं परिवार और प्रदर्शनकारी इसे हत्या का मामला बता रहे हैं। ऐसे में अब सबकी नजर पुलिस जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।