दो साल से सूखी पड़ी नल-जल योजना, पानी के लिए सड़क पर उतरीं महिलाएं; छतरपुर के गांव में फूटा आक्रोश !

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मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में पेयजल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। जिले के बक्सवाहा जनपद अंतर्गत मडदेवरा पंचायत में पानी की समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा बुधवार को सड़क पर फूट पड़ा। गांव की महिलाओं और अन्य ग्रामीणों ने सड़क पर पानी के खाली बर्तन रखकर रास्ता जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं।

प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने बताया कि गांव में सरकार की नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन आज तक उसमें पानी नहीं आया। करोड़ों रुपए खर्च कर बनाई गई योजना गांववासियों के लिए सिर्फ दिखावा बनकर रह गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी स्तर पर योजनाओं का प्रचार बड़े स्तर पर किया जाता है, लेकिन जमीन पर उनका लाभ लोगों तक नहीं पहुंच रहा।

ग्रामीण महिलाओं ने सड़क पर खाली मटके, बाल्टियां और अन्य बर्तन रखकर अपना विरोध जताया। उनका कहना था कि गांव में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि खाने-पीने और घरेलू उपयोग के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। कई परिवारों को रोजाना कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है। भीषण गर्मी में पानी की तलाश महिलाओं और बच्चों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, गांव में पेयजल संकट कोई नई समस्या नहीं है। पिछले दो साल से लगातार लोग पानी की कमी से परेशान हैं। कई बार पंचायत स्तर पर शिकायतें की गईं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि उन्होंने पंचायत के सरपंच, सचिव और अन्य अधिकारियों को कई बार समस्या बताई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत और प्रशासन के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। गांव में पाइपलाइन बिछने के बावजूद जल सप्लाई शुरू नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था ठीक की जाती तो उन्हें सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की जरूरत नहीं पड़ती।

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि अब उन्हें हर छोटी-बड़ी समस्या के लिए कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उनका कहना है कि गांव स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा, जिससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

सड़क जाम के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बाद में स्थानीय प्रशासन और पुलिस की समझाइश के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। प्रदर्शन के दौरान गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, लेकिन मामला शांतिपूर्ण तरीके से नियंत्रित कर लिया गया।

ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द पानी की व्यवस्था नहीं की गई तो उनका आंदोलन और उग्र होगा। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में वे जनपद कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय का घेराव भी कर सकते हैं। ग्रामीणों की मांग है कि गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू की जाए और नल-जल योजना की वास्तविक स्थिति की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि बुंदेलखंड क्षेत्र में हर साल गर्मियों के दौरान जल संकट गहराता है। ऐसे में सरकार की पेयजल योजनाओं का समय पर और प्रभावी संचालन बेहद जरूरी हो जाता है। यदि योजनाएं कागजों तक सीमित रह जाएं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की परेशानियां और बढ़ जाती हैं।

फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन ग्रामीणों को जल्द समाधान का भरोसा दिया गया है। अब देखने वाली बात होगी कि मडदेवरा पंचायत के लोगों को कब तक पानी की समस्या से राहत मिल पाती है या फिर आंदोलन और तेज होता है।

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