दौधन गांव में दूसरे दिन भी तनाव: पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, ग्रामीणों का पथराव जारी, 75 से ज्यादा लोगों पर एफआईआर !

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छतरपुर।
केन-बेतवा लिंक परियोजना और बांध निर्माण को लेकर छतरपुर जिले के दौधन गांव में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। बुधवार को हुए पथराव और विरोध प्रदर्शन के बाद गुरुवार को भी गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी के लिए गांव में दबिश दी, जिसके दौरान हालात फिर बिगड़ गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, जबकि ग्रामीणों ने जवाब में पथराव किया।

प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए दौधन गांव की ओर जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया है। मीडियाकर्मियों और बाहरी लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है। गांव के आसपास छतरपुर और पन्ना जिलों की पुलिस तैनात की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

महिलाओं ने रोका बांध निर्माण कार्य

भारी पुलिस दबाव और प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद ग्रामीणों का विरोध कम नहीं हुआ। गुरुवार को भी बड़ी संख्या में महिलाओं ने बांध निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना उचित पुनर्वास और मुआवजे के उन्हें विस्थापित किया जा रहा है, इसलिए वे आंदोलन जारी रखेंगे।

दो एफआईआर में 75 से अधिक आरोपी नामजद

पथराव और हिंसा के मामले में किशनगढ़ थाने में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पहली एफआईआर में किशनगढ़ थाना प्रभारी कमलजीत सिंह मावई आवेदक हैं, जबकि दूसरी एफआईआर जेसीबी चालक रामप्रसाद कुशवाहा की शिकायत पर दर्ज की गई है।

एक मामले में 38 और दूसरे में 37 आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें अधिकांश नाम दोनों एफआईआर में शामिल हैं। आरोपियों में जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर, दिव्या अहिवार, हिसाबी राजपूत, मिजाजी यादव समेत दौधन, पलकौहां और सुकवाहा गांवों के कई विस्थापित ग्रामीण शामिल हैं।

सभी आरोपियों पर हत्या के प्रयास, शासकीय कार्य में बाधा, षड़यंत्र, बलवा और अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।

पुलिस ने तेज की गिरफ्तारियां

पुलिस ने आंदोलन में शामिल लोगों की गिरफ्तारी अभियान तेज कर दिया है। जानकारी के मुताबिक कुछ लोगों को बमीठा और भुसौर क्षेत्र से भी हिरासत में लिया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि करीब एक दर्जन लोग गांव से लापता हैं।

ग्रामीणों के अनुसार दौधन गांव से राजेंद्र यादव, रीतेश यादव, छोटू यादव, भरत आदिवासी, घनश्याम आदिवासी, छोटू आदिवासी, गोकुल आदिवासी और लक्ष्मण आदिवासी सहित कई लोगों के नाम एफआईआर में शामिल किए गए हैं।

कलेक्टर बोले- “ग्रामीण खुद नुकसान कर रहे”

मामले में छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने कहा कि ग्रामीण लगातार दूसरे दिन पथराव कर रहे हैं और पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि “ग्रामीण खुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं।”

फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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