सागर, 28 अप्रैल 2026। जिले में बढ़ते नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और युवाओं में नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जिले में अब “जीरो टॉलरेंस नीति” के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अवैध दवा कारोबार पर सख्त निगरानी
बैठक में कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग और औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिए कि जिले में सक्रिय सभी दवा विक्रेताओं और स्टॉकिस्टों की गहन जांच की जाए। विशेष रूप से उन दुकानों और संस्थानों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं जो संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए जा सकते हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी मेडिकल स्टोर बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के नशीली दवाओं की बिक्री न करे। सभी दुकानों में दवाओं का स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से संधारित होना चाहिए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ तुरंत दंडात्मक कार्रवाई और लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

गांजे की अवैध खेती पर भी कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर श्रीमती पाल ने राजस्व और पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से निर्देशित किया कि जिले में कहीं भी यदि गांजे की अवैध खेती की जा रही है, तो उसे तत्काल चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मैदानी अमले को सक्रिय रहकर नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
युवाओं को नशे से बचाने पर विशेष फोकस
बैठक में युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए शिक्षा विभाग को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई। निर्देश दिए गए कि स्कूल और कॉलेज स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएं ताकि छात्रों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी मिल सके।
इसके तहत प्रत्येक विद्यालय और महाविद्यालय में अनिवार्य रूप से काउंसलिंग कक्ष स्थापित किए जाएंगे। शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे छात्रों के व्यवहार में बदलाव को पहचान सकें और समय रहते हस्तक्षेप कर सकें।
नशे की गिरफ्त में आए छात्रों की काउंसलिंग
यदि किसी छात्र में नशे की प्रवृत्ति पाई जाती है, तो उसकी पहचान कर उसे काउंसलिंग के माध्यम से मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जाएगा। इस प्रक्रिया में अभिभावकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी, जिन्हें साथ लेकर संयुक्त काउंसलिंग की जाएगी।
नशा मुक्ति उपचार के लिए विशेष व्यवस्था
नशा मुक्ति अभियान को मजबूत करने के लिए जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में 6-6 बेड के अलग वार्ड स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन वार्डों में नशे के आदी मरीजों को उपचार, परामर्श और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग का संयुक्त अभियान
बैठक में यह भी तय किया गया कि पुलिस, प्रशासन और शिक्षा विभाग मिलकर एक मजबूत नेटवर्क तैयार करेंगे, जिससे नशीली दवाओं की सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ा जा सके। यह संयुक्त प्रयास नशे के खिलाफ एक प्रभावी प्रणाली विकसित करेगा।
उच्च स्तरीय अधिकारियों की मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में एसपी श्री विकास शाहवाल, नगर निगम कमिश्नर श्री राजकुमार खत्री, उप पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश सिंहा, सिटी मजिस्ट्रेट श्री गगन विसेन सहित शिक्षा, आबकारी, ड्रग्स एवं कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ यह अभियान केवल एक विभागीय कार्रवाई नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है, जिसमें हर विभाग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
यदि इसी प्रकार सख्ती और समन्वय के साथ कार्रवाई जारी रही, तो निश्चित रूप से जिले में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा और युवाओं को एक सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य मिल सकेगा।