मध्यप्रदेश के खुरई क्षेत्र में सागर-बीना नेशनल हाईवे पर इन दिनों अव्यवस्थित पार्किंग एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। हाईवे के करीब 5 किलोमीटर के दायरे में स्थित तीन बड़े मैरिज गार्डनों में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण रोजाना जाम की स्थिति बन रही है, जिससे न केवल आमजन परेशान हो रहे हैं बल्कि सड़क हादसों का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, अधिकांश मैरिज गार्डन संचालकों ने अपने यहां आने वाले वाहनों के लिए कोई स्थायी पार्किंग व्यवस्था विकसित नहीं की है। ऐसे में जब भी किसी गार्डन में शादी या अन्य कार्यक्रम होता है, तो सैकड़ों वाहन सीधे नेशनल हाईवे पर या उसके किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। इससे हाईवे की चौड़ाई कम हो जाती है और वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है, जिससे जाम लगना आम बात हो गई है।

हाल ही में शुक्रवार रात आचार्य विद्यासागर तिराहा के पास स्थित एक मैरिज गार्डन के बाहर भारी संख्या में वाहन खड़े होने के कारण कई बार ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी। लोगों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा। खासतौर पर एम्बुलेंस और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी निकलने में कठिनाई का सामना करना पड़ा, जो किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
यह समस्या केवल ट्रैफिक तक सीमित नहीं है। गार्डनों के बाहर फैली गंदगी भी स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। कार्यक्रमों के बाद बचा हुआ भोजन, डिस्पोजल, दोने-पत्तल और अन्य कचरा सड़कों के किनारे ही फेंक दिया जाता है। इससे न केवल बदबू फैलती है बल्कि आसपास का वातावरण भी दूषित हो रहा है। कई बार आवारा पशु इस कचरे को खा लेते हैं, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ने या मृत्यु तक की स्थिति बन जाती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। हाईवे जैसे व्यस्त मार्ग पर इस तरह की लापरवाही सीधे तौर पर लोगों की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। खुरई एसडीएम मनोज चौरसिया ने बताया कि मैरिज गार्डनों में पार्किंग और सुरक्षा इंतजामों की जांच कराई जाएगी। यदि किसी भी तरह की लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, खुरई शहरी थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी ने कहा कि गार्डन संचालकों को लगातार समझाइश दी जा रही है। इसके बावजूद यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है और कोई दुर्घटना घटती है, तो सीधे तौर पर गार्डन संचालकों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्पष्ट है कि नेशनल हाईवे पर स्थित इन मैरिज गार्डनों की लापरवाही अब आमजन की परेशानी से आगे बढ़कर एक गंभीर सुरक्षा खतरे का रूप ले चुकी है। जरूरत इस बात की है कि प्रशासन सख्ती से नियमों का पालन कराए और गार्डन संचालक भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए उचित पार्किंग और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।