पथरिया में 20 दिन से जल संकट, महिलाओं का फूटा गुस्सा: एसडीएम कार्यालय में मटके फोड़े, प्रशासन ने दिया जल्द समाधान का आश्वासन !

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दमोह। जिले के पथरिया नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 15 में पिछले 20 दिनों से जारी जल संकट ने अब गंभीर रूप ले लिया है। पानी की समस्या से जूझ रही महिलाओं का गुस्सा बुधवार को उस समय फूट पड़ा, जब उन्होंने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर खाली मटके फोड़कर विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने प्रशासन से तत्काल जल आपूर्ति बहाल करने और स्थायी समाधान की मांग की।

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने बताया कि पिछले करीब 20 दिनों से उनके वार्ड में नल से पानी नहीं आ रहा है। भीषण गर्मी के बीच उन्हें पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। घरों में पीने तक के पानी की किल्लत हो गई है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। महिलाओं का कहना है कि छोटे-छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति और भी ज्यादा मुश्किल हो गई है।

वार्ड 15 की निवासी नीलम ने बताया कि पहले भी जल आपूर्ति की स्थिति संतोषजनक नहीं थी। लगभग 8 दिन में एक बार पानी आता था और वह भी इतना गंदा होता था कि उसका उपयोग करना मुश्किल था। उन्होंने कहा कि अब पिछले 20 दिनों से बिल्कुल पानी नहीं आया है, जिससे हालात और खराब हो गए हैं। लोग दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाने को मजबूर हैं।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार नगर परिषद के अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हर बार उन्हें अलग-अलग कारण बताकर टाल दिया गया। कभी मशीन खराब होने की बात कही गई तो कभी अन्य तकनीकी कारणों का हवाला दिया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया।

लगातार अनदेखी से परेशान होकर वार्ड की दर्जनों महिलाएं एकजुट हुईं और सीधे एसडीएम कार्यालय पहुंच गईं। वहां उन्होंने खाली मटके फोड़कर अपना आक्रोश व्यक्त किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। महिलाओं का कहना था कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा, तब तक वे इसी तरह विरोध करती रहेंगी।

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें उन्होंने नियमित और स्वच्छ जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि दूषित पानी की सप्लाई से बीमारियों का खतरा बना रहता है, इसलिए पानी की गुणवत्ता में सुधार करना भी जरूरी है।

महिलाओं के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही तहसीलदार बिंद्रेश पांडे मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिलाओं की समस्याएं सुनीं और उन्हें जल्द समाधान का आश्वासन दिया। तहसीलदार ने मौके पर ही नगर परिषद के अधिकारियों से संपर्क कर स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान नगर परिषद सीएमओ पीयूष अग्रवाल ने बताया कि वार्ड में पानी की सप्लाई बंद होने का मुख्य कारण मोटर खराब होना है।

तहसीलदार ने तत्काल मोटर की मरम्मत कराने के निर्देश दिए और कहा कि जल आपूर्ति को जल्द से जल्द बहाल किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि भविष्य में इस तरह की समस्या न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। दूषित पानी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने पानी की गुणवत्ता सुधारने के भी निर्देश दिए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल गर्मियों में पानी की समस्या सामने आती है, लेकिन इस बार स्थिति ज्यादा गंभीर है। उन्होंने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

यह घटना प्रशासन के लिए एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है कि बुनियादी सुविधाओं को लेकर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो जनता का आक्रोश और बढ़ सकता है।

फिलहाल, प्रशासन ने समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन दिया है, लेकिन अब यह देखना होगा कि यह आश्वासन कितनी जल्दी जमीन पर उतरता है। वार्ड 15 के लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उन्हें जल्द ही पानी की समस्या से राहत मिलेगी और उनका दैनिक जीवन सामान्य हो सकेगा।

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