सागर,
आगामी वार्षिक परीक्षाओं को देखते हुए विद्यार्थियों में बढ़ते मानसिक तनाव को कम करने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश के अंतर्गत संचालित ‘मानसिक स्वास्थ्य एवं गतिविधियाँ’ कार्यक्रम के तहत शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय सागर में ‘परीक्षा एवं तनाव प्रबंधन’ विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लेकर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने की। अपने उद्बोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा के समय तनाव से घबराने के बजाय उसे समझदारी से संभालने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में तनाव आना स्वाभाविक है, लेकिन यदि सही दिशा और सोच के साथ कार्य किया जाए तो इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

डॉ. सरोज गुप्ता ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि “जब तक लक्ष्य स्पष्ट नहीं होता, तब तक मन भटकता रहता है और यही भटकाव तनाव को जन्म देता है।” उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने लक्ष्य को स्पष्ट रूप से निर्धारित करें, उसकी योजना बनाएं और निरंतर प्रयास करते रहें। लक्ष्य पर केंद्रित रहने से आत्मविश्वास बढ़ता है और तनाव स्वतः कम हो जाता है।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. सुनील साहू और डॉ. रेणु सोलंकी ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अक्सर विद्यार्थी अपनी समस्याओं को साझा नहीं करते, जिससे तनाव बढ़ता जाता है। ऐसे में ग्रुप डिस्कशन, मित्रों और शिक्षकों के साथ संवाद अत्यंत आवश्यक है, जिससे समस्याओं का समाधान आसानी से निकल सकता है।
वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. जय कुमार सोनी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नकारात्मक सोच ही तनाव की सबसे बड़ी वजह होती है। यदि विद्यार्थी सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं और असफलता को सीखने का अवसर समझें, तो वे किसी भी परिस्थिति का सामना आसानी से कर सकते हैं। उन्होंने मनोवैज्ञानिक तरीकों के माध्यम से सकारात्मक सोच विकसित करने के उपाय भी बताए।

इस अवसर पर डॉ. अनिल मेहरोलिया ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के जरिए विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक उपाय समझाए। उन्होंने समय प्रबंधन, नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार को परीक्षा के दौरान अत्यंत आवश्यक बताया। उनके प्रस्तुतिकरण ने विद्यार्थियों को व्यवहारिक स्तर पर तनाव से निपटने की दिशा दिखाई।
कार्यक्रम में वाणिज्य विभाग के समस्त प्राध्यापक उपस्थित रहे और 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की। विद्यार्थियों ने इस व्याख्यान माला को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें परीक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा मिली।

कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. देवेंद्र सिंह ठाकुर ने किया, जबकि अंत में डॉ. मनीष जैन ने सभी अतिथियों, प्राचार्य एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. अमर कुमार जैन, डॉ. संगीता कुम्भारे, डॉ. शालिनी परिहार, डॉ. अखिलेश तिवारी सहित महाविद्यालय के कई प्राध्यापक एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
यह व्याख्यान माला विद्यार्थियों के लिए न केवल परीक्षा की तैयारी को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध हुई, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में भी प्रेरित कर गई।