भोपाल। भोपाल-राजगढ़ बॉर्डर पर रुनाहा के पास स्थित पार्वती नदी का करीब 49 साल पुराना ब्रिज जनवरी में धंस गया था। सुरक्षा कारणों से ब्रिज के दोनों ओर 4 फीट ऊँची दीवारें बनाई गईं और कुछ दूरी पर स्टॉपडैम में मुर्रम-गिट्टी बिछाकर 100 मीटर लंबा वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया। हालांकि, दिवाली और भाईदूज पर भारी भीड़ और वाहनों के दबाव के कारण मार्ग पर कई हादसों की आशंका बनी।
इस स्थिति को देखते हुए एडीएम अंकुर मेश्राम ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत बैरसिया से नरसिंहगढ़ जाने वाले वैकल्पिक मार्ग से भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया। यह रोक नए पुल के निर्माण तक लागू रहेगी।



ब्रिज पर भारी वाहनों का दबाव और वर्षा के कारण स्टॉपडैम में पानी भर जाने से वैकल्पिक मार्ग भी असुरक्षित हो गया है। अक्टूबर में एक बस तिरछी हुई थी और हाल ही में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली स्टॉपडैम में गिर गई, जिसमें सवार लोग सुरक्षित रहे।
यह ब्रिज भोपाल, राजगढ़, गुना, विदिशा, शिवपुरी, अशोकनगर, आगर-मालवा, शाजापुर, इंदौर और उज्जैन को जोड़ता है और आगरा-बंबई राष्ट्रीय राजमार्ग से भी जुड़ा हुआ है। हालात बिगड़ने के कारण हजारों लोगों को लंबा फेरा लगाना पड़ रहा है।
साल 1976 में बनाया गया यह पुल अब जर्जर हालत में है। 49 साल में केवल दो बार ही इसका मरम्मत कार्य हुआ, आखिरी बार 2019-20 में। अब निर्माणाधीन नए पुल तक ब्रिज पर भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा।