पूरे ग्राम का होगा स्वास्थ्य परीक्षण, पानी की होगी जांच: कलेक्टर संदीप जी.आर. !

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देवरी विकासखंड के ग्राम पड़रई खुर्द में उल्टी-दस्त की शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन तत्परता से सक्रिय हो गया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री संदीप जी.आर. ने निर्देश दिए हैं कि ग्राम के प्रत्येक व्यक्ति का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा पीने के पानी के सभी स्रोतों की जांच की जाए।

शिकायत प्राप्त होते ही कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. ममता तिमोरी के नेतृत्व में एक विशेष स्वास्थ्य टीम गठित की। इस टीम में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और एंबुलेंस को शामिल किया गया है। टीम ने ग्राम पहुंचकर घर-घर स्वास्थ्य परीक्षण प्रारंभ किया तथा कुओं और हैंडपंपों के पानी के सैंपल लेकर परीक्षण के लिए भेजे


🔹 कलेक्टर के निर्देश:

कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि —

  • स्वास्थ्य विभाग लगातार कैंप लगाकर सभी ग्रामवासियों की जांच करे और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराए।
  • गंभीर मरीजों को जिला चिकित्सालय या बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर भेजा जाए, ताकि उनका पूर्ण उपचार सुनिश्चित हो सके।
  • लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) द्वारा ग्राम के सभी जल स्रोतों की जांच कर दवाओं का छिड़काव किया जाए।
  • स्वच्छता अभियान के तहत पूरे ग्राम में विशेष सफाई अभियान तत्काल प्रारंभ किया जाए।

कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा कि “किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के साथ पूर्ण सहयोग करें तथा किसी भी स्वास्थ्य समस्या की सूचना तुरंत दें।


🔹 स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और स्थिति:

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरी ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश मिलते ही टीम को तत्काल ग्राम पड़रई खुर्द भेजा गया।

  • डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने मौके पर पहुँचकर स्वास्थ्य परीक्षण प्रारंभ किया
  • वर्तमान में सभी ग्रामीणों की स्थिति सामान्य एवं नियंत्रण में है।
  • आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया है और एंबुलेंस टीम लगातार निगरानी कर रही है।
  • स्वास्थ्य शिविर ग्राम में लगातार संचालित रहेगा ताकि किसी भी नए मरीज की तुरंत जांच और इलाज हो सके।

डॉ. तिमोरी ने बताया कि पड़रई खुर्द के साथ-साथ लगते हुए ग्राम सर्रा में भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है।
विकासखंड चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे निरंतर भ्रमण करें और प्रत्येक ग्रामीण की स्वास्थ्य स्थिति की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।


🔹 ग्रामीणों से अपील:

प्रशासन ने समस्त ग्रामीणों से कहा है कि —

  • स्वच्छ पेयजल का ही उपयोग करें।
  • उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं।
  • किसी भी प्रकार की अस्वस्थता या उल्टी-दस्त के लक्षण दिखने पर तुरंत शिविर में मौजूद डॉक्टर से संपर्क करें।

प्रशासन के त्वरित हस्तक्षेप और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता के चलते ग्राम में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिविर तब तक चलता रहेगा जब तक हर व्यक्ति की जांच पूरी नहीं हो जाती और स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती।

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