प्रधानमंत्री कॉलेज मकरोनिया में भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर व्याख्यान!

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प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस, शासकीय महाविद्यालय मकरोनिया बुजुर्ग में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की छात्र एवं छात्रा इकाई के संयुक्त तत्वाधान में भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर व्याख्यान कार्यक्रम और जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 01 नवंबर से 15 नवंबर तक मनाए जा रहे भगवान बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में याद करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं भगवान बिरसा मुंडा के चरणों में पुष्प अर्पित करके और दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. रितु विश्वकर्मा ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर आदिवासी नेता एवं जननायक भगवान बिरसा मुंडा के जीवन पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन संघर्ष और क्रांति का प्रतीक है। अपने क्रांतिकारी विचारों और उलगुलान आंदोलन के माध्यम से उन्होंने आदिवासी समाज को नई दिशा दी और अंग्रेजों के अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने आदिवासियों के अधिकारों की वापसी के लिए किए गए प्रयासों के कारण “धरती आबा” के नाम से विख्यात हुए।

महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. अजय सिंह ठाकुर ने बताया कि भारत सरकार के केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 10 नवंबर 2021 को आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करने के लिए बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित किया गया है। इस अवसर पर भारत के वीर स्वतंत्रता सेनानी को सम्मानित किया जाता है। डॉ. कमलेश दुबे ने कहा कि मुंडा समुदाय के लोग आज भी किसी भी कार्य की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा के नाम से करते हैं, जिससे उन्हें प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलता है।

कार्यक्रम में डॉ. सत्य सोनी ने पंद्रह दिवसीय आयोजित कार्यक्रमों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना छात्रा इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रश्मि यादव ने किया, जबकि आभार ज्ञापन डॉ. नीलेश राय ने माना। कार्यक्रम में डॉ. दिव्या गुरु, डॉ. सुनील विश्वकर्मा, श्री आरसी प्रजापति, डॉ. दीप्ति तोमर, डॉ. शुभम नामदेव, डॉ. तक्क्लुम खान, डॉ. शिवनारायण पांडेय के साथ महाविद्यालय के विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और युवाओं में आदिवासी वीरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें उनके जीवन एवं संघर्ष से प्रेरित करना था। कार्यक्रम में छात्रों ने बिरसा मुंडा के आदर्शों का अनुसरण करने और समाज में सकारात्मक योगदान देने का संकल्प लिया।

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