रबी सीजन की तैयारियों और कृषि विभाग की प्रगति समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, नरवाई प्रबंधन, और कृषि से जुड़ी विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों में प्राकृतिक खेती के प्रति रुचि बढ़ाने हेतु संगोष्ठी एवं जागरूकता अभियान प्रारंभ किए जाएं।

नरवाई प्रबंधन पर सख्ती — हैप्पीसीडर और सुपरसीडर के उपयोग की जानकारी दी जाए
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि किसानों को नरवाई जलाने के बजाय हैप्पीसीडर एवं सुपरसीडर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जो किसान नरवाई जलाते पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नकली खाद, उर्वरक और बीज विक्रेताओं पर पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
रबी सीजन की तैयारियों की समीक्षा
बैठक में रबी फसलों के लिए आवश्यक उर्वरक की उपलब्धता, बीज वितरण, पंजीयन कार्य और उत्पादन कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि डीएपी की जगह एनपीके उर्वरक को अपनाने के संबंध में किसानों को जागरूक किया जाए, क्योंकि एनपीके किसी भी रूप में डीएपी से कम प्रभावी नहीं है।

उन्होंने उर्वरक वितरण केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग, डबल लॉक सेंटरों पर संयुक्त जांच तथा पीओएस मशीनों के माध्यम से पारदर्शी वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। किसानों को खरीदी के समय गुणवत्ता एवं नमी परीक्षण की जानकारी दी जाए।
कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा
कलेक्टर ने कहा कि किसानों के बीच आधुनिक कृषि उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके लिए कृषि अभियांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के साथ समन्वय से बैठक आयोजित की जाए।
मंडी निरीक्षण और किसानों से फीडबैक लें
मंडी समितियों की नियमित जांच और किसानों से प्रत्यक्ष संवाद पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समय पर समाधान किया जाए तथा मंडी में पारदर्शिता और राजस्व वसूली की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
मत्स्य, उद्यानिकी और पशुपालन योजनाओं की समीक्षा
कलेक्टर ने मत्स्य पालन की योजनाओं जैसे आरएएस कल्चर, बॉयोफ्लॉक और बेकयार्ड केस कल्चर के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत अधिक से अधिक लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ा जाए।
उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को सब्जी, मसाला, फूल और फल उत्पादन में प्रोत्साहित किया जाए तथा उनके उत्पादों को प्रोसेसिंग यूनिट और निर्यात बाजारों से जोड़ा जाए।
सहकारिता और डेयरी विकास पर जोर
कलेक्टर ने सहकारी समितियों को बहुउद्देशीय बनाने और निष्क्रिय समितियों को परिसमापनाधीन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऋण वसूली की प्रगति बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास हों तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के माध्यम से टर्म लोन वितरण सुनिश्चित कराया जाए।
पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि मुर्गी पालन, बकरी पालन जैसी गतिविधियों से अधिक से अधिक हितग्राहियों को जोड़ा जाए। साथ ही दुग्ध सहकारी समितियों के माध्यम से दूध संग्रहण की गति बढ़ाई जाए।