बरायठा थाना प्रभारी मकसूद अली के विदाई समारोह में भावुक माहौल, ग्रामीणों ने घोड़े पर बैठाकर दी भव्य विदाई !

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बण्डा। बरायठा थाना प्रभारी मकसूद अली के विदिशा स्थानांतरण पर सोमवार को थाना परिसर में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं पुलिस स्टाफ द्वारा भव्य एवं भावुक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में आत्मीयता, सम्मान और भावनाओं से भरा माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने थाना प्रभारी मकसूद अली का शाल, श्रीफल एवं पुष्पमालाओं से सम्मान किया। सभी ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

ग्राम पंचायत सरपंच दौलत यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्थानांतरण एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है, लेकिन अधिकारी अपनी कार्यशैली और व्यवहार से लोगों के दिलों में स्थान बनाते हैं। उन्होंने कहा कि मकसूद अली ने बरायठा क्षेत्र में जिस संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ कार्य किया है, वह लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जब भी क्षेत्र में बेहतर पुलिसिंग और जनसरोकारों से जुड़े कार्यों की चर्चा होगी, तो उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाएगा।

विदाई समारोह का सबसे भावुक और आकर्षक दृश्य तब देखने को मिला जब ग्रामीणों ने थाना प्रभारी को घोड़े पर बैठाकर बैंड-बाजे और डीजे की धुनों के साथ पूरे गांव में जुलूस निकालते हुए विदाई दी। यह दृश्य किसी उत्सव और बारात जैसा प्रतीत हो रहा था, जहां जगह-जगह ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत कर उन्हें भावभीनी विदाई दी।

ग्रामीणों ने कहा कि मकसूद अली ने अपने कार्यकाल में हमेशा जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ जनता का विश्वास भी जीता। उनके व्यवहार और कार्यशैली के कारण वे केवल एक अधिकारी नहीं बल्कि परिवार के सदस्य की तरह महसूस होते थे।

विदाई के दौरान कई ग्रामीण भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं। लोग उन्हें गले लगाकर विदा करते नजर आए। वहीं थाना प्रभारी मकसूद अली भी ग्रामीणों के स्नेह और सम्मान से भावुक हो उठे।

इस अवसर पर मकसूद अली ने कहा कि बरायठा की जनता ने उन्हें जो प्यार और सम्मान दिया है, वह उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि वे यहां से एक अधिकारी के रूप में नहीं बल्कि परिवार के सदस्य को छोड़कर जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्थान भले ही बदल जाए, लेकिन रिश्ते हमेशा बने रहेंगे।

उन्होंने कहा, “बरायठा की जनता का स्नेह मैं कभी नहीं भूल सकता। यहां के लोगों ने मुझे परिवार की तरह अपनाया है, जिसे मैं जीवनभर याद रखूंगा।”

कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि यदि कोई अधिकारी ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करे, तो जनता उसे हमेशा सम्मान देती है। मकसूद अली की लोकप्रियता और उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए ग्रामीणों ने इस विदाई को एक यादगार और ऐतिहासिक पल बताया।

कार्यक्रम का संचालन राहुल शर्मा ने किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत किशनपुरा के पूर्व सरपंच हीरासिंह लोधी, नरेन्द्र लोधी, गौरीशंकर नामदेव, गोविन्द यादव, संजय राजा, ऋषि गोस्वामी, मुस्ताक खान, शेख बशीर, शेख सगीर, जयपाल यादव, जगभन यादव सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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