छतरपुर। जिले के लवकुश नगर थाना क्षेत्र के ग्राम बागवान में सोमवार सुबह एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। खेत पर बने कुएं में नहाते समय 13 वर्षीय किशोरी का पैर फिसल गया। बहन को डूबता देख उसका 15 वर्षीय भाई बिना अपनी जान की परवाह किए उसे बचाने के लिए कुएं में कूद गया, लेकिन गहरे पानी में दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, मृतक किशोरी की पहचान मुस्कान राजपूत और उसके भाई की पहचान सत्यजीत राजपूत के रूप में हुई है। दोनों सगे भाई-बहन थे और ग्राम बागवान में अपने परिवार के साथ रहते थे।
बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह मुस्कान घर के पास खेत पर बने कुएं पर नहाने गई थी। कुएं के आसपास किसी प्रकार की सुरक्षा मुंडेर या बाउंड्री नहीं बनी थी। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वह सीधे कुएं में जा गिरी। मुस्कान को पानी में गिरता देख पास ही खड़ा उसका भाई सत्यजीत घबरा गया और बहन की जान बचाने के लिए तुरंत कुएं में छलांग लगा दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सत्यजीत ने अपनी बहन को बचाने की पूरी कोशिश की। उसने काफी देर तक मुस्कान को पकड़ने और बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन कुएं की गहराई और अधिक पानी होने के कारण वह खुद भी बाहर नहीं निकल सका। कुछ ही देर में दोनों गहरे पानी में डूब गए।

घटना का पता उस समय चला जब दोनों का बड़ा भाई निरंजन राजपूत वहां पहुंचा। उसने कुएं में भाई-बहन के शव पानी में उतराते देखे तो घबरा गया और जोर-जोर से शोर मचाने लगा। उसकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने तुरंत दोनों को कुएं से बाहर निकाला और आनन-फानन में लवकुश नगर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह हादसा बताया जा रहा है।
गांव के लोगों का कहना है कि खेतों में बने कई पुराने कुएं बिना सुरक्षा व्यवस्था के खुले पड़े हैं, जिससे हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खुले कुओं के आसपास सुरक्षा मुंडेर और जाली लगाई जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सत्यजीत अपनी बहन से बेहद स्नेह करता था और उसे बचाने के लिए बिना एक पल सोचे कुएं में कूद गया। गांव के लोगों ने भाई के इस साहस और बहन के प्रति उसके प्रेम को भावुक कर देने वाला बताया। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है और हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खुले कुएं और जल स्रोत अक्सर हादसों का कारण बनते हैं। कई जगहों पर सुरक्षा दीवार नहीं होने से बच्चे और ग्रामीण दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। प्रशासन द्वारा समय-समय पर सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कई स्थानों पर अब भी लापरवाही बनी हुई है।
यह दर्दनाक घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में खुले कुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। एक बहन को बचाने के प्रयास में भाई ने भी अपनी जान गंवा दी और कुछ ही पलों में एक परिवार ने अपने दो बच्चों को हमेशा के लिए खो दिया।