बीना (सागर)। 14 सितम्बर 2025।
रविवार की दोपहर बीना से लगे खुरई शहरी थाना क्षेत्र की नरेन नदी में हुए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया। नहाने के लिए नदी पर गए पांच किशोरों में से दो—13 वर्षीय मयंक यादव और 17 वर्षीय हर्ष यादव—गहरे पानी में समा गए। कुछ ही देर में मयंक का शव नदी से बरामद कर लिया गया, जबकि हर्ष को खोजने में एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम को चार घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। अंततः उनका शव भी नदी की गहराई से बाहर निकाला गया।

हादसे का सिलसिला कैसे हुआ?
रविवार को छुट्टी का दिन था। पांच किशोर दोपहर करीब 12 बजे नरेन नदी पहुंचे। पानी में उतरकर नहाने का सिलसिला शुरू हुआ। इस दौरान सागर नाका यादव गली निवासी मयंक यादव (कक्षा 5, दयानंद सरस्वती स्कूल) गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए साथ मौजूद हर्ष यादव (हाल ही में सागर आईटीआई में दाखिला लिया था) ने बहादुरी दिखाते हुए नदी में छलांग लगा दी।
लेकिन तेज धार और गहराई ने दोनों को अपने आगोश में ले लिया। बाकी तीन साथी घबराकर तट पर पहुंचे और गांव जाकर परिजनों को हादसे की खबर दी।

राहत-बचाव अभियान
सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को खबर दी। थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह की अगुवाई में तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया। स्थानीय गोताखोरों ने प्रयास किया और मयंक का शव कुछ ही देर में बरामद कर लिया।
लेकिन हर्ष का पता नहीं चला। आखिरकार एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जब गोताखोर नदी की गहराई में 25 फीट नीचे उतरे, तब जाकर हर्ष का शव मिला।

परिवार में पसरा मातम
दोनों किशोरों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए बीना के अस्पताल ले जाया गया। जैसे ही खबर फैली, सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। गांव में मातम का माहौल छा गया।
मयंक के पिता और हर्ष के परिजन दोनों ही गमगीन हैं। परिजनों का कहना है कि रविवार की छुट्टी का आनंद उठाने बच्चे नहाने गए थे, लेकिन किसे पता था कि यह छुट्टी हमेशा के लिए परिवार से दो बच्चों को छीन लेगी।
पुलिस ने कही यह बात
थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि—
“घटना की जांच की जाएगी। प्रारंभिक तौर पर यह नहाने के दौरान डूबने का मामला है। दोनों शवों का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।”

नदी में नहाने पर सवाल
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नदियों या तालाबों पर नहाने जाने वाले बच्चों पर पर्याप्त निगरानी क्यों नहीं रखी जाती। गहराई और धार के बारे में जानकारी न होने से हर साल इस तरह की घटनाएं होती हैं।