बीना के छोटी बजरिया स्थित गुप्ता गार्डन में शनिवार रात वैश्य महासम्मेलन के तत्वावधान में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलवामा हमला में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करना और समाज में देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना था। आयोजन में बड़ी संख्या में समाज के लोग, युवा, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर पुलवामा हमले में शहीद हुए 40 जवानों सहित देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी। पूरे परिसर में देशभक्ति गीत गूंजते रहे, जिससे वातावरण भावुक और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया।

वैश्य महासम्मेलन के सदस्य मनोज अग्रवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि पुलवामा हमला देश के इतिहास की एक दर्दनाक घटना है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि 14 फरवरी 2019 को हुए इस हमले में 40 जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनका त्याग और समर्पण सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर शहीदों को नमन किया। ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष से पूरा गार्डन गूंज उठा। कई युवाओं ने देशभक्ति कविताएं और गीत प्रस्तुत किए, जिनमें शहीदों के साहस और बलिदान का वर्णन किया गया। श्रद्धांजलि सभा के दौरान कई लोगों की आंखें नम दिखाई दीं।

इस अवसर पर सेवानिवृत्त सैनिकों और पुलिस अधिकारियों का भी सम्मान किया गया। आयोजकों ने कहा कि जो लोग वर्षों तक देश और समाज की सेवा करते हैं, उनका सम्मान करना समाज का कर्तव्य है। सम्मानित होने वालों में विजय कुमार बामनिया, मनोज कटारे, बीएल चौधरी, अनिल सेन, वेदप्रकाश राय, हवलदार राजू तथा छोटी बजरिया चौकी प्रभारी आर.के. जोरम शामिल रहे। सभी को पुष्पमाला पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर सभी ने आयोजकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से उनका मनोबल बढ़ता है।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने कहा कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और देश की एकता एवं अखंडता बनाए रखने के लिए हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने संकल्प लिया कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजन नियमित रूप से किए जाएंगे, ताकि नई पीढ़ी को देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा मिलती रहे।
पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया। स्थानीय नागरिकों ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जहां हर व्यक्ति के मन में देश के वीर सपूतों के प्रति सम्मान और गर्व की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।