मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। यह दुर्घटना भोपाल-इंदौर हाईवे पर खजुरी जोड़ के पास हुई, जहां निर्माणाधीन पुल के पिलर से एक कार जा टकराई।
पुलिस के अनुसार, हादसा सुबह करीब 3:45 बजे हुआ। i20 कार चला रहे 30 वर्षीय गौरव सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद दोस्त लकी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
मृतक गौरव सिंह अवधपुरी के बड़ा कॉलोनी क्षेत्र के निवासी थे और एक टूर्स एंड ट्रेवल्स कंपनी का संचालन करते थे। वे अपने परिवार के जिम्मेदार सदस्य थे और अपने दम पर व्यवसाय को आगे बढ़ा रहे थे। बताया जा रहा है कि गौरव की शादी करीब चार साल पहले लव-अरेंज मैरिज के रूप में हुई थी, हालांकि उनकी कोई संतान नहीं थी।

घटना के संबंध में खजूरी सड़क थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें सड़क की स्थिति, वाहन की गति और निर्माण कार्य से जुड़े सुरक्षा इंतजाम शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, गौरव सिंह को रविवार तड़के उनके फूफा के निधन की सूचना मिली थी। इसके बाद वे अपने दोस्त लकी के साथ कार से इंदौर के लिए रवाना हुए थे। रास्ते में भौरी जोड़ के पास यह हादसा हो गया, जिसने एक परिवार की खुशियां छीन लीं।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, जिस स्थान पर यह दुर्घटना हुई, वहां सड़क निर्माण कार्य चल रहा है और यातायात को वन-वे कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि गौरव सामने से आ रहे तेज रफ्तार वाहन को क्रॉसिंग देने की कोशिश कर रहे थे, तभी उनकी कार का नियंत्रण बिगड़ गया और वह सीधे पुल के पिलर से जा टकराई।
हादसा इतना भीषण था कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को सूचना दी और पुलिस को भी बुलाया। थोड़ी ही देर में पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को कार से बाहर निकाला गया।
घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद गौरव सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उनके दोस्त लकी की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज हमीदिया अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
गौरव सिंह की अचानक मौत से उनके परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। रविवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद उनका शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि गौरव अपने मिलनसार स्वभाव और मेहनती व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे।

इस हादसे ने एक बार फिर सड़क निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर देखा जाता है कि निर्माणाधीन पुल या सड़कों के आसपास पर्याप्त संकेतक, बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए जाते, जिससे वाहन चालकों को समय पर सही जानकारी नहीं मिल पाती।
विशेषज्ञों का मानना है कि रात के समय इस तरह के निर्माण स्थलों पर अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। पर्याप्त रोशनी, रिफ्लेक्टिव संकेतक और स्पष्ट डायवर्जन सिस्टम न होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और यह भी देखा जा रहा है कि कहीं निर्माण एजेंसी की लापरवाही तो इस हादसे की वजह नहीं बनी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, यह हादसा एक दर्दनाक याद बनकर रह गया है, जिसने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के लिए यह घटना एक चेतावनी भी है कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।