राजधानी भोपाल के नजीराबाद थाना क्षेत्र में शादी के नाम पर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवक को शादी का झांसा देकर करीब ढाई लाख रुपए की ठगी की गई। आरोपियों ने मंदिर में शादी कराकर युवती को दुल्हन बनाकर युवक के घर भेज दिया, लेकिन शादी के महज 10 दिन बाद ही दुल्हन घर से फरार हो गई। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस पूरे गिरोह के नेटवर्क और पुराने मामलों की जांच में जुट गई है।
पुलिस के अनुसार मामला नजीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम आमल्या का है। यहां रहने वाले रामचंदर मीना ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि उनके छोटे भाई सरवन मीना की लंबे समय से शादी नहीं हो पा रही थी। परिवार लगातार रिश्ते तलाश रहा था, लेकिन बात नहीं बन रही थी। इसी दौरान मंडीदीप निवासी रूप सिंह रैकवार नामक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया। उसने खुद को रिश्तेदार बताते हुए भरोसा दिलाया कि वह अच्छे परिवार की लड़की से शादी करवा देगा।

परिजनों ने बताया कि रूप सिंह ने शादी कराने के बदले ढाई लाख रुपए की मांग की। आरोपी ने कहा कि लड़की गरीब परिवार से है और शादी की कुछ सामाजिक व पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाने के लिए रकम देनी होगी। परिवार शादी की चिंता में आरोपियों के झांसे में आ गया और उनकी बातों पर भरोसा कर लिया।
बताया जा रहा है कि 30 अप्रैल को आरोपियों ने नकद राशि ली और उसी दिन एक युवती को लेकर ग्राम आमल्या पहुंचे। वहां एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से सरवन मीना की शादी कराई गई। शादी के दौरान कुछ स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। शादी के बाद युवती को दुल्हन बनाकर घर भेज दिया गया। परिवार ने नई बहू का स्वागत किया और सामान्य तरीके से उसे घर में रखा।
शुरुआती कुछ दिनों तक सब कुछ सामान्य चलता रहा। दुल्हन परिवार के लोगों से घुलने-मिलने लगी और घर के कामकाज में भी हाथ बंटाने लगी। इससे परिवार को किसी प्रकार का शक नहीं हुआ। लेकिन 10 मई की रात अचानक वह बिना किसी को बताए घर से गायब हो गई। सुबह जब परिजनों ने उसकी तलाश की तो उसका कोई पता नहीं चला।
परिवार ने तत्काल रूप सिंह और अन्य लोगों से संपर्क किया, जिन्होंने शादी कराई थी। आरोप है कि शुरुआत में उन्होंने बहाने बनाए और बाद में युवती को वापस लाने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ित परिवार को एहसास हुआ कि उनके साथ सुनियोजित ठगी हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नजीराबाद थाना पुलिस ने जांच शुरू की। थाना प्रभारी दुर्जन सिंह वरकड़े के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह कोई सामान्य मामला नहीं, बल्कि शादी के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी रवि कुशवाह, रूप सिंह रैकवार और सरोज उईके को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई हुंडई ऑरा कार भी जब्त की है। पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह पहले भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस को शक है कि महिला दुल्हन बनकर लोगों को फंसाती थी, जबकि उसके साथी शादी कराने वाले रिश्तेदार या मध्यस्थ बनकर भरोसा जीतते थे। शादी के बाद कुछ दिन घर में रहने के बाद महिला मौका देखकर फरार हो जाती थी और फिर दूसरे शिकार की तलाश शुरू हो जाती थी।
पुलिस अब आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस गिरोह ने इसी तरह की ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह के तार दूसरे राज्यों तक भी जुड़े हो सकते हैं।
इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि शादी के नाम पर इस तरह की ठगी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और लोग भावनात्मक रूप से कमजोर होकर आसानी से ठगों के जाल में फंस जाते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सामाजिक जानकारों का कहना है कि शादी के मामलों में बिना पूरी जानकारी और सत्यापन के किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। खासतौर पर जब शादी के बदले मोटी रकम मांगी जाए, तब सतर्क रहने की जरूरत है। परिवारों को लड़की और उसके परिजनों की पहचान, निवास और सामाजिक पृष्ठभूमि की पूरी जांच करनी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि शादी तय करने से पहले संबंधित लोगों की पूरी जानकारी हासिल करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।