भोपाल निगम बजट बैठक में गरमाएंगे कई मुद्दे, 3500 करोड़ के बजट पर नजर !

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भोपाल नगर निगम परिषद की आगामी बैठक 23 मार्च को आयोजित होने जा रही है, जिसमें शहर सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। इस बार निगम का बजट लगभग 3500 करोड़ रुपए का रहने का अनुमान है। हालांकि, पिछले साल की तुलना में बजट थोड़ा कम हो सकता है, क्योंकि पिछली बार 3611 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया गया था। इस बार सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि प्रॉपर्टी टैक्स और जल कर बढ़ाने की संभावना काफी कम मानी जा रही है। इसके पीछे मंत्री और विधायकों द्वारा जताई गई आपत्तियां प्रमुख कारण हैं।

बैठक केवल बजट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कई विवादित और संवेदनशील मुद्दों पर भी जोरदार चर्चा होने की संभावना है। खासतौर पर निगम के स्लॉटर हाउस में 26 टन गोमांस मिलने का मामला विपक्ष द्वारा प्रमुखता से उठाया जाएगा। पिछली बैठक में भी इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने जोरदार हंगामा किया था और इस बार भी इसे लेकर तीखी बहस होने के आसार हैं।

इसके अलावा, लिंक रोड नंबर-2 पर 40 करोड़ रुपए की लागत से बनी नई निगम बिल्डिंग भी विवादों में है। आरोप है कि बिल्डिंग पूरी तरह तैयार हुए बिना ही इसका उपयोग शुरू कर दिया गया। इसी दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति की गिरकर मौत हो गई, जिससे सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। विपक्ष इस मामले को लेकर सत्तापक्ष को घेरने की तैयारी में है।

हाल ही में लोकायुक्त द्वारा की गई कार्रवाई भी बैठक में गूंज सकती है। भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर विपक्ष सरकार की जवाबदेही तय करने की कोशिश करेगा। इस तरह बैठक में राजनीतिक माहौल काफी गरम रहने की संभावना है।

बैठक में शहर की पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा जाएगा। नगर निगम द्वारा 14 नई पार्किंग विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिनमें से 5 पार्किंग मेट्रो स्टेशनों के नीचे प्रस्तावित हैं। इन पार्किंग स्थलों पर लगभग 40 चार पहिया और 250 दो पहिया वाहनों को खड़ा करने की क्षमता होगी। इस प्रस्ताव को पहले ही मेयर इन काउंसिल की बैठक में मंजूरी मिल चुकी है और अब इसे परिषद की अंतिम स्वीकृति के लिए पेश किया जाएगा।

वर्तमान में भोपाल मेट्रो के किसी भी स्टेशन पर पार्किंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग मेट्रो तक पहुंच तो रहे हैं, लेकिन अपने वाहनों को सुरक्षित खड़ा करने के लिए उन्हें दूर-दूर तक भटकना पड़ता है। फिलहाल मेट्रो स्टेशनों पर केवल पिक एंड ड्रॉप की सुविधा ही उपलब्ध है।

नगर निगम ने इस समस्या का समाधान निकालते हुए मेट्रो स्टेशनों के नीचे पार्किंग विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। जिन स्थानों पर पार्किंग बनाई जाएगी, उनमें सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन के दोनों गेट, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, डीआरएम ऑफिस और अलकापुरी स्टेशन शामिल हैं। हालांकि, एमपी नगर, रानी कमलापति और एम्स स्टेशन के नीचे पार्किंग को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

इन स्थानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं मौजूद हैं। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर पहले से ही बड़ी पार्किंग उपलब्ध है, जिसका उपयोग मेट्रो यात्री कर सकते हैं। एम्स के पास मेट्रो की अपनी जमीन है, जहां भविष्य में पार्किंग विकसित की जा सकती है। वहीं एमपी नगर में नगर निगम की मौजूदा पार्किंग सुविधा का उपयोग किया जा सकता है।

बैठक में एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव आदमपुर खंती में जमा लीगेसी वेस्ट के निपटारे को लेकर आएगा। इस परियोजना पर लगभग 55.54 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। शहर में लंबे समय से जमा कचरे के निपटान को लेकर यह एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे पर्यावरण और स्वच्छता दोनों को फायदा होगा।

इसके अलावा, नगर निगम के 145 पुराने और अनुपयोगी वाहनों को कंडम घोषित करने का प्रस्ताव भी बैठक में पेश किया जाएगा। इन वाहनों के रखरखाव पर होने वाले अनावश्यक खर्च को रोकने के लिए यह निर्णय लिया जा रहा है।

कुल मिलाकर, 23 मार्च की यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण रहने वाली है। एक ओर जहां शहर के विकास के लिए बजट पेश किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर कई विवादित मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है। शहरवासियों की नजरें इस बैठक पर टिकी हैं, क्योंकि इससे जुड़े फैसले सीधे तौर पर उनके दैनिक जीवन को प्रभावित करेंगे।

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