भोपाल — मुख्यमंत्री ने रविवार को प्रधानमंत्री के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें संस्करण का श्रवण किया। यह कार्यक्रम भोपाल के वीआईपी रोड स्थित एक निजी रेस्टोरेंट में आयोजित किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में आमजन भी शामिल हुए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘मन की बात’ देश के करोड़ों नागरिकों को जोड़ने वाला एक सशक्त संवाद मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी समाज के विभिन्न वर्गों की प्रेरणादायक कहानियों, नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को सामने लाते हैं, जिससे लोगों को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ को देशवासियों के दिलों में स्थान दिलाया है और इसके जरिए समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिला है। उन्होंने इसे राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी को सशक्त करने वाला माध्यम बताया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों को संबोधित करते हुए 2027 में होने वाली जनगणना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना होगी और इसे पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है। इस बार घर-घर जाने वाले कर्मचारियों के पास मोबाइल ऐप होगा, जिसमें वे नागरिकों की जानकारी सीधे दर्ज करेंगे।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस बार नागरिकों के लिए स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। कर्मचारी के आने से लगभग 15 दिन पहले नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। जानकारी दर्ज करने के बाद उन्हें एक विशेष आईडी प्राप्त होगी, जिसे वे कर्मचारी के आने पर दिखाकर अपनी जानकारी की पुष्टि कर सकेंगे। इससे प्रक्रिया सरल और समय की बचत होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि जिन राज्यों में स्व-गणना का कार्य पूरा हो चुका है, वहां गणना कर्मचारियों द्वारा घरों के सूचीकरण का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। अब तक लगभग 1 करोड़ 20 लाख परिवारों का मकान सूचीकरण पूरा किया जा चुका है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनगणना केवल एक सरकारी कार्य नहीं, बल्कि यह सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने आमजनों, विशेषकर युवाओं से संवाद किया। उन्होंने नारी शक्ति वंदन, महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, महिला सुरक्षा और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान मौजूद बच्चों से भी आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कैप पेंटिंग कर रहे बच्चों का उत्साहवर्धन किया, उन्हें अपने हाथों से नाश्ता कराया और पढ़ाई के साथ-साथ बड़ों का सम्मान करने की सीख दी। बच्चों के साथ उनका यह सहज और स्नेहपूर्ण व्यवहार सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, श्री राहुल कोठारी, श्री रविन्द्र यति सहित अन्य जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ देश को एकजुटता का सकारात्मक संदेश देने का एक अद्भुत प्रयास है। उन्होंने यह भी कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत राज्य में नई जल संरचनाओं के निर्माण के साथ-साथ पुराने कुओं, तालाबों और बावड़ियों का पुनर्जीवन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अभियान में जनभागीदारी को भी प्राथमिकता दी जा रही है और यह अभियान 30 जून तक लगातार संचालित होगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की।
इस प्रकार ‘मन की बात’ कार्यक्रम के श्रवण के साथ ही भोपाल में आयोजित यह संवाद कार्यक्रम न केवल जनजागरूकता बढ़ाने वाला रहा, बल्कि इसमें समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली।