मंडला के बिछिया क्षेत्र में बाघ के शिकार का मामला: वन विभाग ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया !

Spread the love

मंडला। बिछिया क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण के लिए चिंता का विषय बने बाघ के शिकार का मामला सामने आया है। वन विभाग और कान्हा टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम ने रविवार को बाघ की खाल के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी मुखबिर से मिली, जिसके आधार पर पुलिस और वन विभाग ने कार्रवाई की।

सूचना के अनुसार, 25 अक्टूबर की रात, बिछिया के भीमपुरी गांव निवासी मिस्तर और गोविंद को बाघ की खाल बेचते हुए पकड़ा गया। उनकी प्रारंभिक पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। इसके बाद 26 अक्टूबर को अतरिया निवासी अग्हन नामक एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

डीएफओ पूर्व सामान्य प्रीता एसएम ने बताया कि पूर्व सामान्य वन मंडल और कान्हा बफर टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि पूछताछ में कुछ अन्य संदिग्धों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है। टीम यह पता लगा रही है कि बाघ का शिकार कहां और किन परिस्थितियों में किया गया था।

वन विभाग का कहना है कि बाघ का अवैध शिकार न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह क्षेत्रीय पारिस्थितिकी और वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर खतरा भी है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या वन विभाग को दें।

इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि वन्यजीवों के शिकार और तस्करी के खिलाफ अधिकारियों की चौकसी लगातार बनी हुई है। कान्हा टाइगर रिजर्व और बिछिया वन क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और गश्त और कड़ी कर दी गई है।

आरोपियों से पूछताछ के बाद यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बाघ की खाल का अवैध व्यापार किन नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और क्या अन्य शिकार की योजना बनाई जा रही थी। वन विभाग ने बताया कि जल्द ही पूरे मामले की संपूर्ण जांच कर कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *