सागर शहर के मकरोनिया क्षेत्र स्थित सतनाम नर्सिंग होम एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते चर्चा के केंद्र में आ गया है। अस्पताल प्रबंधन पर नियमों की अनदेखी कर इलाज और ऑपरेशन किए जाने के आरोप लग रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर आक्रोश बढ़ता जा रहा है और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

सूत्रों के अनुसार, नर्सिंग होम में कार्यरत स्टाफ की योग्यता को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। आरोप है कि अस्पताल में पर्याप्त प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध नहीं है, वहीं कुछ कर्मचारियों द्वारा अन्य लोगों के दस्तावेजों पर काम किए जाने की भी चर्चा है। इससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर संदेह उत्पन्न हो गया है।
अस्पताल का संचालन कर रहे डॉ. गुरनाम सिंह और डॉ. त्रपत कौर की चिकित्सकीय पात्रता को लेकर भी स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाए हैं। आरोप है कि सीमित मान्यता वाली डिग्रियों के बावजूद यहां विभिन्न प्रकार के उपचार और शल्य क्रियाएं की जा रही हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। नागरिकों का कहना है कि वरिष्ठ आयु में भी दोनों चिकित्सक मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
सतनाम वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष एवं संभागीय मीडिया प्रभारी मनी सिंह गुरोन ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व में यहां अवैध गर्भपात और गलत इंजेक्शन लगाए जाने से एक युवक की मौत जैसे मामले भी सामने आ चुके हैं। हालांकि, इन मामलों में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

मनी सिंह गुरोन ने स्वास्थ्य विभाग, जिला स्वास्थ्य अधिकारी और जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपकर नर्सिंग होम की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब भी अस्पताल की अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई जाती है, तो विरोध करने वालों को दबाने या बदनाम करने का प्रयास किया जाता है। इससे लोगों में भय और असंतोष का माहौल बना हुआ है।
फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। आमजन की निगाहें अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच होती है, तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति को उजागर करेंगे।