सागर जिले के थाना गोपालगंज क्षेत्र में पुलिस की सतर्कता और संवेदनशीलता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है, जहां बिछड़ी हुई एक मासूम बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया गया। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते एक बड़ी अनहोनी टल गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक परिवार भोपाल से बस द्वारा तेंदूखेड़ा जा रहा था। इसी दौरान सागर बस स्टैंड पर लगभग 3 से 4 वर्ष की मासूम बच्ची अनजाने में बस से उतर गई और अपने परिजनों से बिछड़ गई। बच्ची बस स्टैंड परिसर से बाहर निकलकर सड़क की ओर भटकने लगी, जबकि उसके परिजन बस स्टैंड के भीतर ही उसे तलाशते रहे। कुछ समय बाद जब बच्ची का कोई पता नहीं चला, तो परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना थाना गोपालगंज पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। चीता मोबाइल में तैनात आरक्षक रणवीर सिंह कुशवाहा को बच्ची की तलाश के लिए तुरंत रवाना किया गया। आरक्षक रणवीर सिंह ने बिना समय गंवाए बस स्टैंड और उसके आसपास के क्षेत्रों में सघन सर्चिंग अभियान शुरू किया।
करीब एक घंटे तक लगातार तलाश के बाद बच्ची तालाब के किनारे रोते हुए मिली। स्थिति को देखते हुए आरक्षक ने तत्काल बच्ची को अपने संरक्षण में लिया और उसे सुरक्षित थाने लाया गया। इसके बाद बच्ची को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा, प्रधान आरक्षक अनिल प्रभाकर और आरक्षक रणवीर सिंह कुशवाहा की अहम भूमिका रही। उनकी तत्परता और जिम्मेदारी के कारण एक संभावित हादसा टल गया।
बच्ची के परिजनों ने सागर पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर की गई कार्रवाई ने उनकी बच्ची को सुरक्षित वापस दिलाया। पुलिस के इस मानवीय कार्य की क्षेत्र में सराहना हो रही है।
सागर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल डायल 100 या 112 पर सूचना दें, ताकि समय रहते सहायता पहुंचाई जा सके।