भोपाल। आम जनता को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमतों में ₹29 की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें रविवार 7 जून से लागू हो गई हैं। कीमतों में वृद्धि के बाद मध्य प्रदेश के कई शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। प्रदेश के प्रमुख शहरों में ग्वालियर और उज्जैन ऐसे शहर बन गए हैं, जहां 14.2 किलोग्राम का घरेलू गैस सिलेंडर 1000 रुपए से अधिक कीमत में मिलेगा।
नई दरों के अनुसार राजधानी भोपाल में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत ₹918.50 से बढ़कर ₹947.50 हो गई है। वहीं इंदौर में अब उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर के लिए ₹970 चुकाने होंगे। जबलपुर में गैस सिलेंडर की कीमत ₹919 हो गई है। सबसे अधिक असर ग्वालियर और उज्जैन के उपभोक्ताओं पर पड़ा है, जहां सिलेंडर क्रमशः ₹1025 और ₹1001 में मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का सीधा असर आम लोगों की रसोई पर पड़ रहा है। घरेलू गैस की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब पहले से ही खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम बढ़े हुए हैं।
तीन महीने में दूसरी बार बढ़े दाम
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में पिछले तीन महीनों के भीतर यह दूसरी बड़ी वृद्धि है। इससे पहले 7 मार्च को एलपीजी सिलेंडर के दामों में ₹60 की बढ़ोतरी की गई थी। अब जून में ₹29 की नई वृद्धि के साथ तीन महीने के भीतर घरेलू गैस सिलेंडर कुल ₹89 महंगा हो गया है। वहीं पिछले एक वर्ष के दौरान कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा उत्पादों की बढ़ती कीमतों और घरेलू बिक्री पर होने वाले नुकसान के कारण यह निर्णय लिया गया है। कंपनियों के अनुसार गैस की आपूर्ति और वितरण लागत में वृद्धि होने से कीमतों में संशोधन आवश्यक हो गया था।
कंपनियों ने नुकसान का दिया हवाला
सूत्रों के अनुसार सरकारी तेल विपणन कंपनियों का दावा है कि उन्हें घरेलू गैस सिलेंडर की बिक्री पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनियों को प्रत्येक घरेलू गैस सिलेंडर पर लगभग ₹703 तक का नुकसान हो रहा था। हालिया मूल्य वृद्धि के बावजूद इस नुकसान की केवल आंशिक भरपाई ही हो सकेगी।
तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं पर पूरा भार नहीं डाला गया है। सरकार और कंपनियां कुछ आर्थिक बोझ स्वयं वहन कर रही हैं।
छोटे सिलेंडर भी हुए महंगे

घरेलू उपयोग में आने वाले 5 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी ₹11 की वृद्धि की गई है। इसके बाद इसकी नई कीमत ₹821.50 हो गई है। छोटे सिलेंडर का उपयोग विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे परिवारों और अस्थायी निवासों में अधिक किया जाता है। ऐसे में इस वर्ग पर भी अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ेगा।
पेट्रोल, डीजल और सीएनजी भी पहले हो चुके हैं महंगे
एलपीजी की कीमतों में वृद्धि से पहले पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों में भी बढ़ोतरी हो चुकी है। पिछले कुछ सप्ताहों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग ₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं सीएनजी के दाम भी करीब ₹6 प्रति किलोग्राम तक बढ़ चुके हैं।
कंपनियों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री में भी उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनके अनुसार पेट्रोल पर लगभग ₹11 प्रति लीटर और डीजल पर ₹33.60 प्रति लीटर तक का नुकसान हो रहा है। हालांकि सरकार का कहना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हुई पूरी वृद्धि का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया है।
कैसे तय होती है एलपीजी की कीमत
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत कई कारकों पर निर्भर करती है। सबसे पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों का आकलन किया जाता है। इसके बाद डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए की स्थिति को देखा जाता है। गैस आयात, परिवहन, बॉटलिंग प्लांट और वितरण की लागत भी कीमत निर्धारण में शामिल होती है।
इसके अलावा केंद्र सरकार की सब्सिडी और कर संबंधी नीतियां भी गैस सिलेंडर की अंतिम कीमत को प्रभावित करती हैं। तेल कंपनियां इन सभी पहलुओं का मूल्यांकन करने के बाद नई कीमतों की घोषणा करती हैं।
आम जनता पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
रसोई गैस की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का सीधा असर मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ेगा। घरेलू बजट पहले से ही महंगाई के दबाव में है और अब गैस सिलेंडर महंगा होने से रसोई का खर्च और बढ़ जाएगा। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि आने वाले समय में सरकार राहत देने के लिए कोई कदम उठाएगी, जिससे बढ़ती महंगाई से कुछ राहत मिल सके।