महिला बीएलओ की मौत | बेटे का आरोप—SIR सर्वे के दबाव में बिगड़ी थी तबीयत, 10 दिन बाद दम तोड़ा !

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और कर्मचारियों के संगठनों ने ऐसे सागर में एक महिला बीएलओ और सरकारी प्राइमरी स्कूल टीचर लक्ष्मी जारोलिया की इलाज के दौरान मौत हो गई। करीब 10 दिन पहले उन्हें हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद सागर और भोपाल के निजी अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा था। रविवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। परिजन SIR सर्वे के अत्यधिक दबाव को उनकी मौत की वजह बता रहे हैं।

बेटे का आरोप—सुबह से रात 12 बजे तक कराया जाता था काम

लक्ष्मी जारोलिया के बेटे देवांशु जारोलिया ने कहा कि उनकी मां पिछले 4-5 साल से बीएलओ का काम कर रही थीं। इस बार SIR सर्वे के दौरान उन पर भारी मानसिक दबाव था।
मोबाइल सही से न चलने के कारण टेक्निकल काम में दिक्कत आती थी, फिर भी उनसे सुबह से रात 12 बजे तक रिपोर्ट तैयार करने, फॉर्म भरने और सूचनाएं भेजने का काम कराया जा रहा था। इसी तनाव में उनकी तबीयत खराब हुई।

सागर ले जाने पर डॉक्टरों ने हार्ट संबंधी समस्या की पुष्टि की थी। इलाज के दौरान उनकी हालत बिगड़ती गई और आखिरकार रविवार को निधन हो गया।

प्रशासन का दावा—लक्ष्मी 2021 से हार्ट मरीज थीं

रहली तहसीलदार राजेश पांडे ने बताया कि लक्ष्मी जारोलिया 2021 से हार्ट की मरीज थीं और उनका उपचार चलता रहा था। हार्ट अटैक की वजह से उनकी मौत हुई है।

परिवार की एकमात्र कमाने वाली सदस्य थीं लक्ष्मी

लक्ष्मी जारोलिया के पति का पहले ही निधन हो चुका था। वे परिवार की अकेली कमाने वाली थीं। उनकी दो बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी और बेटा शादीशुदा हैं।


बीएलओ पर काम के दबाव से मौत के 7 मामले पहले भी

राज्य में बीएलओ और शिक्षकों पर SIR/चुनावी कार्य के दबाव से मौत के कई मामले सामने आ चुके हैं

लक्ष्मी जारोलिया की मौत ने एक बार फिर बीएलओ पर बढ़ते काम के बोझ और दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षकों मामलों की जांच और कार्यशैली में सुधार की मांग की है।

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