सागर,
सागर जिले के बंडा विकासखंड अंतर्गत ग्राम किरोला में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब तीन युवक हाईटेंशन लाइन के खंभे पर चढ़ गए। युवकों ने काफी देर तक बिजली के ऊंचे खंभे पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और युवकों को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए गए।
जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला उल्दन बांध परियोजना से जुड़ा हुआ है। ग्राम किरोला इस परियोजना के डूब क्षेत्र में शामिल है। शासन द्वारा प्रभावित परिवारों को मुआवजा वितरित किया जा चुका है, लेकिन कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें उनकी जमीन और संपत्ति के अनुसार उचित मुआवजा नहीं मिला। इसी नाराजगी के चलते गांव के तीन युवक विरोध स्वरूप हाईटेंशन लाइन के खंभे पर चढ़ गए।

बताया जा रहा है कि खंभे पर चढ़ने वाले युवकों के नाम ब्रजेश यादव, रवि अहिरवार और संजय पटेल हैं। तीनों युवक काफी देर तक खंभे पर बैठे रहे और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते रहे। युवकों का आरोप है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं और मुआवजे की मांग को लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं की जा रही।
प्रदर्शन कर रहे युवकों ने कहा कि शासन और प्रशासन द्वारा उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। उनका आरोप है कि डूब क्षेत्र में आने के बावजूद उन्हें उनकी जमीन का उचित मूल्य नहीं मिला और कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। युवकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो वे आगे और बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने पहले आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित कराया और फिर युवकों को समझाने का प्रयास शुरू किया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे युवकों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि देर शाम तक युवक खंभे से नीचे उतरने को तैयार नहीं हुए थे।
मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। गांव के लोगों में घटना को लेकर चिंता और तनाव का माहौल बना रहा। कई ग्रामीणों ने भी प्रशासन के सामने मुआवजे और पुनर्वास से जुड़ी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना के कारण कई परिवार प्रभावित हुए हैं और उन्हें अब तक पूरी राहत नहीं मिल पाई है।
पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से हाईटेंशन लाइन क्षेत्र के आसपास लोगों की आवाजाही सीमित कर दी थी। बिजली विभाग को भी स्थिति की जानकारी दी गई ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। अधिकारियों द्वारा लगातार युवकों से बातचीत कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया जाता रहा।
उल्लेखनीय है कि उल्दन बांध परियोजना को लेकर पहले भी प्रभावित ग्रामीणों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाते रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना के कारण उनकी कृषि भूमि और आवास प्रभावित हुए हैं, लेकिन मुआवजा वितरण में असमानता और देरी के कारण लोगों में असंतोष बना हुआ है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और प्रभावित लोगों की शिकायतों की जांच की जाएगी। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति को उचित मुआवजा नहीं मिला है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
घटना ने एक बार फिर विकास परियोजनाओं में प्रभावित लोगों के पुनर्वास और मुआवजा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी समस्याओं का समाधान किया जाता तो उन्हें इस तरह का जोखिम भरा कदम उठाने की जरूरत नहीं पड़ती।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता युवकों को सुरक्षित नीचे उतारना और स्थिति को सामान्य बनाना रही। देर शाम तक मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस बल और ग्रामीणों की मौजूदगी बनी रही तथा बातचीत का दौर जारी था।