रंगपंचमी पर इंदौर में गेर: पारंपरिक आयोजन में हादसा, सुरक्षा और व्यवस्थाओं की कहानी !

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इंदौर, मध्यप्रदेश – इंदौर में बुधवार को रंगपंचमी के अवसर पर पारंपरिक गेर का आयोजन किया गया। यह आयोजन हर साल की तरह इस बार भी शहर में धूमधाम से मनाया गया, जिसमें लाखों लोग शामिल हुए। हालांकि, इस रंगीन और जीवंत आयोजन के दौरान एक दुखद घटना ने माहौल को गमगीन कर दिया। गेर के दौरान एक हादसे में 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। इसके बावजूद, गेर का आयोजन बिना किसी बड़े व्यवधान के संपन्न हुआ।

गेर में लाखों लोग शामिल हुए

कलेक्टर आशीष सिंह ने दावा किया कि गेर में पांच लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए। इस मौके पर यूनेस्को की टीम भी इंदौर पहुंची, जो इस पारंपरिक आयोजन के महत्व का आकलन कर रही थी। गेर में शहरभर के लोग, विभिन्न समाजों के लोग, और विशेष रूप से युवा वर्ग ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। फाग यात्रा में कई रंग-बिरंगी झांकियां भी प्रदर्शित की गईं, जो दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनीं।

हादसा और मृतक की पहचान नहीं हो पाई

गेर के दौरान राजवाड़ा में एक दुखद घटना घटित हुई, जब एक ट्रैक्टर का पहिया 45 वर्षीय शख्स के पेट पर से गुजर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की जेब में केवल 150 रुपए मिले हैं, और ना ही उसका कोई मोबाइल फोन और न ही कोई पहचान पत्र था, जिसके कारण उसकी पहचान नहीं हो पाई है। इस हादसे ने आयोजन में एक गहरा शोक ला दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतक के परिवार को 4 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की। इस घटना के बाद उन्होंने गेर में शामिल होने का कार्यक्रम रद्द कर दिया।

स्वास्थ्य संबंधी घटनाएं और एम्बुलेंस की मदद

गेर के दौरान फाग यात्रा में अचानक एक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ गई, जिससे आयोजकों और पुलिस को जल्दी कार्रवाई करनी पड़ी। उसे तुरंत एम्बुलेंस में बैठाया गया, और हजारों की भीड़ ने रास्ता दिया ताकि एम्बुलेंस को बाहर निकाला जा सके। इसी दौरान गेर में तीन लोग घबराहट के कारण बेहोश हो गए, जिन्हें मेडिकल टीम ने तुरंत उपचार देकर राहत दी।

नेताओं की भागीदारी

गेर के आयोजन में राज्य के कई प्रमुख नेताओं ने भाग लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस आयोजन का हिस्सा बनने के बजाय, हादसे के बाद अपना कार्यक्रम रद्द किया। वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मंत्री तुलसी सिलावट ने इस पारंपरिक आयोजन में सक्रिय भाग लिया। विजयवर्गीय संगम कॉर्नर की गेर में रथ में सवार होकर आए, जबकि तुलसी सिलावट और विधायक मालिनी गौर ने फाग यात्रा में भाग लिया।

सुरक्षा और प्रशासन की व्यवस्था

गेर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस विभाग ने गेर के रास्तों पर भारी पुलिस फोर्स तैनात किया था। विशेष रूप से, वॉच टावर पर पुलिसकर्मी नजर रखते हुए लोगों की गतिविधियों पर निगाह रख रहे थे। इस दौरान मास्क पहने हुए लोगों से मास्क ले लिए गए, ताकि कोविड-19 के संक्रमण को रोका जा सके। साथ ही, भोंपू भी जब्त किए गए, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था और शोर-शराबा ना हो।

पारंपरिक आयोजन की महत्ता

गेर की परंपरा 75 साल पुरानी है, और यह इंदौर शहर का एक अहम सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन बन चुका है। इस दिन लोग रंगों के साथ नाचते-गाते हुए शहरभर में घूमते हैं, और हर साल इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह होता है। फाग यात्रा में ब्रज की लट्ठमार होली, रासरंग, और श्रीकृष्ण की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र बनीं। लोगों ने अपने घरों की छतों से गेर का नजारा लिया, और इसे एक अद्भुत अनुभव बताया।

इंदौर में रंगपंचमी के मौके पर गेर का आयोजन न केवल एक सांस्कृतिक धरोहर के रूप में महत्व रखता है, बल्कि यह शहर की सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक भी है। हालांकि, इस आयोजन में हुई दुखद घटना ने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया, फिर भी प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित किया और आयोजन को बिना किसी बड़े व्यवधान के संपन्न किया। इस आयोजन में लोगों ने न सिर्फ रंगों से भरी खुशियों का आनंद लिया, बल्कि सुरक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्था के महत्व को भी महसूस किया।

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