सागर जिले के बीना-खुरई क्षेत्र में रबी फसल की कटाई शुरू होते ही बीना-कटनी रेलखंड पर चलने वाली ट्रेनों में मजदूरों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि आरक्षित सीट वाले यात्री भी अपने कोच तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
सबसे अधिक परेशानी दिव्यांग, महिलाएं और बच्चों को झेलनी पड़ रही है। कई यात्री गेट पर लटककर सफर करने को मजबूर हैं, तो कुछ मालवाहक कोच में बैठकर यात्रा कर रहे हैं।
अन्य जिलों से पहुंच रहे हजारों मजदूर
दरअसल बीना, खुरई और आसपास के ग्रामीण इलाकों में गेहूं सहित रबी फसलों की कटाई का काम शुरू हो गया है। इसके लिए बड़ी संख्या में मजदूर दूसरे जिलों से यहां पहुंच रहे हैं।

ये मजदूर मुख्य रूप से
रीवा, सतना, उमरिया, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, कटनी और दमोह जिलों से परिवार सहित आ रहे हैं।
परिवार के साथ यात्रा करने के कारण ट्रेनों के जनरल और स्लीपर कोच पूरी तरह भर जा रहे हैं।
छोटे-बड़े रेलवे स्टेशनों पर लगातार मजदूर उतरते दिखाई दे रहे हैं, जिससे यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
दिव्यांग यात्री अपनी सीट तक नहीं पहुंच सका
ट्रेन नंबर 18236 बिलासपुर-भोपाल में यात्रा कर रहे दिव्यांग यात्री महेंद्र हिंदुजा ने बताया कि उनका कटनी से खुरई तक एस-1 कोच में सीट नंबर 42-43 पर रिजर्वेशन था।

कटनी स्टेशन पहुंचने पर कोच में इतनी भीड़ थी कि वे अंदर चढ़ ही नहीं सके। गेट पर मजदूरों का सामान रखा हुआ था। मजबूरी में दूसरे कोच में सवार हुए और अपने कोच तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे।
दूसरे यात्री की सीट पर बैठने पर विवाद की स्थिति बन गई। उन्होंने बताया कि पूरी यात्रा के दौरान टीसी तक नहीं आया, जिससे वे शिकायत भी नहीं कर सके।

महिलाओं को भी भारी दिक्कत
महिला यात्री राजकुमारी श्रीवास्तव ने बताया कि बड़ी मुश्किल से ट्रेन में चढ़ पाई। इस समय यात्रा करना बेहद कठिन हो गया है और हर स्टेशन पर भीड़ बढ़ती जा रही है।
यात्रियों की मांग
यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि
- अतिरिक्त कोच लगाए जाएं
- स्पेशल ट्रेन चलाई जाए
- आरक्षित कोच में सख्ती से जांच की जाए
ताकि आम यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा मिल सके।