राजगढ़/ब्यावरा। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा क्षेत्र में स्थित कड़िया सांसी गांव से जुड़े एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें बच्चों को भी शादियों और समारोहों में चोरी के लिए प्रशिक्षित किया जाता था। पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य संतोष सिसोदिया (सांसी) को गिरफ्तार किया है और उसके बयान के आधार पर गिरोह के सरगना शिवा सिसोदिया की पहचान हुई है, जो फिलहाल फरार है।

9 साल के बच्चे ‘छोटू’ की भूमिका
जांच में सामने आया कि गिरोह का छोटा सदस्य ‘छोटू’, सिर्फ 9 साल का बच्चा, चोरी करने में माहिर था। उसे छह साल की उम्र से ही उसके पिता ने शादियों में चोरी की ट्रेनिंग दी। इसके बाद बच्चा शिवा सिसोदिया की गैंग के हवाले कर दिया गया, जिसमें उसे सालाना 2 लाख रुपए का ठेका दिया गया और हर चोरी पर 10 फीसदी कमीशन तय किया गया।
पुलिस के अनुसार छोटू की मदद से कई राज्यों जैसे बिहार, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश के गांवों में चोरी की वारदातें हुई हैं।

गिरोह की चोरी और ट्रेनिंग की रणनीति
गिरोह के सदस्यों और बच्चों को शादियों में चोरी की पूरी ट्रेनिंग दी जाती थी। उन्हें सिखाया जाता था कि मेहमान बनकर कैसे पंडाल में घुसना है, लक्षित वस्तुओं तक कैसे पहुंचना है, और चोरी पकड़े जाने पर कैसा व्यवहार करना है। बच्चों को यह भी सिखाया जाता था कि पुलिस दबाव डाले तो तबीयत खराब होने का नाटक करें, क्योंकि नाबालिग होने की वजह से उन पर कठोर कार्रवाई नहीं की जा सकती।
गिरोह के सदस्य पूरे शादी सीजन में चोरी करते, फिर सारा माल इकट्ठा कर सीजन के अंत में बंटवारा किया जाता था।
11 लाख की चोरी का मामला
28 नवंबर को ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र स्थित अभिनंदन वाटिका में बीएसएफ से रिटायर्ड अधिकारी भुवनेश सिंह तोमर के बेटे के लगुन-फलदान कार्यक्रम में 11 लाख रुपए चोरी हो गए। चोरी के समय छोटू और एक युवक CCTV में नजर आए। पुलिस ने पहले से जानकारी के आधार पर गिरोह की पहचान की और संतोष सिसोदिया को पकड़ लिया।

संतोष के पास से 7.80 लाख रुपए नकद बरामद हुए। पूछताछ में पता चला कि यह पैसा शिवा सिसोदिया ने उसे छिपाने के लिए दिया था।
सांसी समुदाय और गिरोह का नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, कड़िया सांसी गांव में बसे सांसी समुदाय के लोग मूल रूप से राजस्थान के बारां जिले के छबड़ा क्षेत्र से हैं। पलायन के बाद उन्होंने संगठित गिरोह बनाए। गांव में कई चोरी गैंग और अवैध शराब कारोबार भी सक्रिय हैं। सुरक्षा कारणों से पुलिस सीधे गांव में बिना योजना के दबिश नहीं देती; कार्रवाई से पहले पूरा प्लान और घेराबंदी की जाती है।
पुलिस का कहना
डीएसपी क्राइम और सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि गिरोह की संपूर्ण गतिविधियों और बच्चों को अपराध में झोंकने के नेटवर्क की गंभीरता से जांच की जा रही है। गिरोह के सरगना शिवा सिसोदिया की तलाश की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे गिरोहों और बच्चों को अपराध में शामिल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह मामला बच्चों को अपराध में शामिल करने और शादियों जैसी सार्वजनिक जगहों पर चोरी करने वाले गिरोह के संगठित नेटवर्क को उजागर करता है, जिससे समाज और प्रशासन के लिए चेतावनी सामने आई है।