राजस्व व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम !

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सागर जिले में प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में 18 अप्रैल, शनिवार को दोपहर 2:30 बजे राजस्व अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में जिले के सभी प्रमुख राजस्व एवं संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे, जिनके साथ विभिन्न लंबित एवं महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राजस्व प्रशासन को अधिक सुदृढ़ बनाना, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करना और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। बैठक में राहत शाखा, राजस्व आंकिक, स्थापना शाखा, सी.एम. मॉनिटरिंग, भू-अर्जन, नजारत तथा न्यायिक शाखा के प्रभारी अधिकारियों के साथ-साथ सभी अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, अपर तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा शहरी विकास प्राधिकरण, भू-अभिलेख और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल होंगे।

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा आर.सी.एम.एस. (RCMS) प्रकरणों की न्यायालयवार समीक्षा रहेगा। इसके अंतर्गत विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों की स्थिति का विश्लेषण किया जाएगा और उनके शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। इसके साथ ही राजस्व वसूली की प्रगति, ऑडिट आपत्तियों (कंडिकाओं) के निराकरण तथा राहत प्रकरणों में आर्थिक सहायता वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी।

कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विषय भी बैठक के प्रमुख बिंदु होंगे। Farmer Registry, लघु सिंचाई संगणना, फसल कटाई प्रयोग तथा नक्शा तरमीम जैसे कार्यों की प्रगति पर चर्चा की जाएगी। साथ ही तालाबों पर अतिक्रमण, वेटलैंड भूमि संरक्षण और भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।

भू-अर्जन से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा भी इस बैठक का अहम हिस्सा होगी, विशेष रूप से नौरादेही टाइगर रिजर्व से संबंधित मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त भूमि आवंटन प्रकरणों की स्थिति, उच्च न्यायालय में लंबित याचिकाओं और अवमानना मामलों में जवाब प्रस्तुत करने की प्रगति का भी मूल्यांकन किया जाएगा।

जन शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सी.एम. हेल्पलाइन, समय-सीमा बाह्य प्रकरण, सी.एम. मॉनिटरिंग, सी.एस. मॉनिटरिंग तथा विभिन्न आयोगों में लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की जाएगी। इसका उद्देश्य नागरिकों को समय पर न्याय और सेवाएं उपलब्ध कराना है।

कृषि उपार्जन के अंतर्गत रबी सत्र 2025-26 में गेहूं, चना और मसूर की खरीदी व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। साथ ही उपार्जन केंद्रों पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए जाएंगे, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

वनाधिकार पट्टों की तहसीलवार समीक्षा, जाति प्रमाण पत्रों के लंबित मामलों का निराकरण तथा I-GOT कर्मयोगी (साधना सप्ताह) और E-HRMS जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कार्यों की प्रगति का भी मूल्यांकन किया जाएगा। यह सभी पहल प्रशासन को आधुनिक, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

इस प्रकार, यह बैठक केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि जिले के समग्र प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। कलेक्टर प्रतिभा पाल के नेतृत्व में इस तरह की नियमित समीक्षाएं प्रशासनिक कार्यों में गति और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित करती हैं।

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