रानी अवंती बाई के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि, वीरता और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेने का आह्वान !

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सागर में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों में समाज के विभिन्न वर्गों ने भाग लेकर उनके साहस, शौर्य और देशभक्ति को याद किया तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

मकरोनिया चौराहा स्थित रानी अवंती बाई की प्रतिमा पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक प्रदीप लारिया एवं पतंजलि योग समिति के राज्य प्रभारी भगत सिंह योगाचार्य ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर विधायक ने कहा कि रानी अवंती बाई का जीवन साहस, त्याग और देशभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष कर जो वीरता दिखाई, वह आज भी समाज और विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

भगत सिंह योगाचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि नई पीढ़ी को रानी अवंती बाई के आदर्शों को अपनाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा, उन्नत कृषि, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सर सिंह शाह, दामोदर प्रजापति, रमेश चौधरी, रघुराज सिंह, जितेंद्र खटीक और नरेंद्र सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इसी क्रम में सिविल लाइन स्थित ग्रीन कांची हेल्थ वेलनेस सेंटर में भी पतंजलि योग समिति के तत्वावधान में पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां मुख्य अतिथि डॉ. भानू राणा, अध्यक्ष भगत सिंह योगाचार्य एवं विशेष अतिथि इंजी. एसआर सिंह ने रानी अवंती बाई की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

डॉ. भानू राणा ने कहा कि रानी अवंती बाई का बलिदान राष्ट्रभक्ति, आत्मसम्मान और साहस का प्रतीक है। उनका जीवन हमें देशहित में समर्पित रहकर कार्य करने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने यह भी कहा कि उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन मूल्यों को अपनाना ही वीरांगना के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

इस अवसर पर एस वाजपेई, अभिलाषा आचार्य, मंजू साहू, रेखा साहू, शैलेंद्र साहू सहित योग शिक्षक, साधक और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से न केवल रानी अवंती बाई के बलिदान को याद किया गया, बल्कि समाज को उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश भी दिया गया।

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